Adityapur:औद्योगिक क्षेत्र की एक पुरानी और प्रतिष्ठित विनिर्माण इकाई इन दिनों गंभीर अस्थिरता की स्थिति से गुजर रही है। करीब 50 वर्षों से निरंतर उत्पादन कर रही यह कंपनी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 2000 से अधिक श्रमिकों को रोजगार देती है और जमशेदपुर व आसपास के औद्योगिक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बाहरी तत्वों पर तनाव भड़काने का आरोप
कंपनी प्रबंधन का आरोप है कि हाल के दिनों में कुछ बाहरी लोग अपने निहित स्वार्थ के लिए कर्मचारियों को उकसा रहे हैं और फैक्ट्री के मुख्य प्रवेश द्वार पर अवैध जमावड़ा लगाकर कार्य बाधित कर रहे हैं।
प्रबंधन का कहना है कि ये लोग अचानक इकट्ठा होकर कर्मचारियों को अंदर जाने से रोकते हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन को कई बार सूचना, कार्रवाई न होने की शिकायत
कंपनी के मुताबिक, प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया कि बिना अनुमति के किसी प्रकार का घेराव, नारेबाज़ी या भीड़ कंपनी परिसर के सामने न होने दी जाए।
इसके बावजूद, प्रबंधन ने प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक उपद्रवी तत्वों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
डिजिटल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने का आरोप
कंपनी ने कुछ डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर असत्यापित और भ्रामक खबरें चलाने का भी आरोप लगाया है, जिससे श्रमिकों में भ्रम पैदा हो रहा है और माहौल बिगड़ रहा है।
निलंबन के बाद भी विरोध, 27 नवंबर की घटना ने बढ़ाया तनाव
कंपनी ने बताया कि 18 नवंबर को दो कर्मचारियों के खिलाफ दुर्व्यवहार, सहकर्मियों को काम से रोकने और उत्पादन बाधित करने के आरोप में शो-कॉज़ नोटिस जारी किए गए।
जांच पूरी होने तक दोनों को निलंबित किया गया था।
इसके बावजूद, 27 नवंबर को दोनों निलंबित कर्मचारी बाहरी समर्थकों और कथित असामाजिक तत्वों के साथ कंपनी गेट पर पहुंच गए।
प्रबंधन का कहना है कि इन लोगों ने अन्य श्रमिकों को अंदर जाने से रोका और दबाव बनाते हुए आरोप-पत्र वापस लेने की धमकियाँ दीं।
सरायकेला JLKM पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप
घटना के दौरान सरायकेला JLKM पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रेम मार्डी और आदित्यपुर नगर अध्यक्ष प्रदीप महतो पर भी अवरोध पैदा करने व दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
कंपनी करेगी क़ानूनी कार्रवाई
कंपनी ने कहा कि फैक्ट्री संचालन में बाधा डालने, कर्मचारियों को डराने-धमकाने और अवैध जमावड़े के लिए जिम्मेदार सभी व्यक्तियों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई अनिवार्य होगी।
साथ ही कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि वह शांतिपूर्ण समाधान चाहती है, ताकि क्षेत्र की औद्योगिक स्थिरता प्रभावित न हो।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
घटना पर रणनीति और भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा के लिए हुई बैठक में—
डायरेक्टर श्याम सुंदर,
HR मोमिता मुखर्जी,
संतोष सिंह,
अतुल घोष
उपस्थित थे।









