Seraikela:टेंटो पोसी पंचायत के सिंधु कोपा गांव के रहने वाले गोकुल महतो की जिंदगी इन दिनों मौत से जूझ रही है। ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित गोकुल महतो इलाज के अभाव में गंभीर स्थिति में पहुंच चुके हैं। आर्थिक तंगी ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। पत्नी बुधनी महतो, दो पुत्र और दो पुत्रियों के साथ परिवार अब खाने के लिए भी ग्रामीणों की मदद पर निर्भर है।
इलाज के लिए बेचना पड़ा घर की जमीन
गोकुल महतो के परिवार ने बताया कि उन्होंने इलाज के लिए घर की जमीन तक बेच दी, लेकिन फिर भी उपचार पूरा नहीं हो पाया। पिछले 1.5 से 2 महीने से गोकुल महतो गंभीर रूप से बीमार हैं और लगातार हालत बिगड़ती जा रही है।
सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुली
गोकुल की पत्नी बुधनी महतो ने कहा कि वे पहले सरायकेला सदर अस्पताल, फिर डिमना एमजीएम और अंत में रांची रिम्स तक गईं, लेकिन हर जगह पैसों की कमी के कारण इलाज छोड़कर लौटना पड़ा।
रिम्स में तो हालत और भी खराब थी—
रोजाना 3–4 हजार रुपये की दवाइयां बाहर से खरीदने को कहा गया
सीटी स्कैन, एमआरआई, ब्लड टेस्ट सहित कई जांचों पर हजारों रुपये खर्च हो गए
सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की उम्मीद लिए पहुंचे गरीब परिवार को वहां भी भारी खर्च का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने बढ़ाया हाथ, पर संसाधन कम
भीम महतो और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गोकुल महतो का परिवार अब खाने तक का इंतजाम नहीं कर पा रहा। ग्रामीण आपस में चंदा इकट्ठा कर उनके घर तक सहायता पहुंचा रहे हैं, लेकिन बीमारी इतनी गंभीर है कि गांव की क्षमता से बाहर है।
विधायक–सांसद पर अनदेखी का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक दशरथ गगराई और सांसद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—
“वे यहां सिर्फ चुनाव के समय आते हैं। सड़क हो या स्वास्थ्य सुविधा, इस क्षेत्र का हाल हमेशा बदतर ही रहा है। गोकुल महतो जैसे गरीब की सुध लेने वाला कोई नहीं है।”
सरकार से त्वरित मदद की अपील
ग्रामीणों ने झारखंड सरकार, जिला प्रशासन, सांसद और विधायक से तत्काल आर्थिक सहायता और बेहतर उपचार की व्यवस्था कराने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इलाज नहीं हुआ तो गोकुल महतो की जान बचाना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों का दर्द
ग्रामीण भीम महतो ने कहा—
“उनके घर में न भोजन है, न पीने का साफ पानी, और न ही इलाज के लिए पैसे। यह गरीब परिवार भुखमरी और बीमारी दोनों से लड़ रहा है।”
संपर्क कर मदद पहुँचा सकते हैं
पीड़ित परिवार तक सीधे मदद पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने संपर्क नंबर जारी किए हैं—
📞 9234444642, 7782928383









