साहिबगंज: शहर के पोखरिया मोहल्ला स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर भवन में शुक्रवार को ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले झारखंड राज्य के पुरोधा, पूर्व मुख्यमंत्री सह राज्यसभा सांसद दिशाेम गुरु शिबू सोरेन की याद में श्रद्धांजलि सभा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां इस दौरान झामुमो के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा, लिट्टीपाड़ा के विधायक हेमलाल मुर्मू, बोरियो विधायक धनंजय सोरेन, उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, डॉ. रामजन्म मिश्रा समेत अन्य कई गणमान्य लोगों ने अमर शिबू सोरेन के तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। जहां आपको बता दें कि झारखंड के जनजातीय समाज और कमजोर वर्गों के सच्चे मसीहा दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन, न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वही उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। वही शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को झारखंड राज्य के रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ। जहां उनका जीवन अत्यंत साधारण परिस्थितियों में शुरू हुआ, लेकिन उन्होंने अपने अदम्य साहस और संघर्ष के बल पर अपने नाम को इतिहास में अमर कर दिया। वही उनकी यात्रा केवल व्यक्तिगत सफलता की नहीं थी, बल्कि यह झारखंड के आदिवासी समाज और कमजोर वर्गों के उत्थान की कहानी थी। जहां शिबू सोरेन का बचपन कठिनाइयों से भरा था। उनके पिता की हत्या कर दी गई थी और यह घटना उनके जीवन की दिशा बदलने वाली साबित हुई। वही उन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और झारखंड के आदिवासी समाज को संगठित करने के लिए कदम उठाए। इस दौरान उन्होंने आदिवासी समाज को जागरूक किया और उन्हें उनके अधिकारों की लड़ाई के लिए प्रेरित किया। उधर वर्ष 1972 में, उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की स्थापना की। यह संगठन झारखंड के आदिवासी समाज के अधिकारों और झारखंड राज्य की स्थापना के लिए संघर्ष करने वाला प्रमुख मंच बना। वही शिबू सोरेन ने झारखंड को एक अलग राज्य का दर्जा दिलाने के लिए दशकों तक संघर्ष किया जहां उनका नेतृत्व झारखंड आंदोलन की आत्मा थी। इस दौरान उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा लेकिन कभी अपने कदम पीछे नहीं खींचे। वही उनका कहना था कि झारखंड के लोगों को उनका अधिकार दिलाने के लिए वे अपना सारा जीवन समर्पित कर देंगे और अंततः उन्होंने वही कर दिखाया। जहां उन्होंने झारखंड के आदिवासी समाज को राजनीतिक और सामाजिक पहचान दिलाने के लिए काम किया। वही उनका जीवन कमजोर वर्गों और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित था। वही शिबू सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कई बार कार्यरत रहे। जहां उन्होंने अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से आदिवासी समाज और झारखंड के विकास के लिए काम किया। वही शिबू सोरेन का जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व क्या होता है। जहां उन्होंने दिखाया कि एक नेता का काम केवल सत्ता में रहना नहीं है, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है। वही उनका संघर्ष, उनकी सेवा और उनका समर्पण हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। जहां राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन काफी ऊर्जावान एवं सक्रिय हैं हम उनका आभार प्रकट करते हैं ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज परिवार की तरफ से यह आश्वासन देते हैं कि हम लोग उनके साथ खड़े हैं और हमेशा उनके कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। उधर ईजेसीसीआई परिवार झामुमो के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा का आभार प्रकट करते हैं की उनकी सकारात्मक सोच एवं निरंतर प्रयास से साहिबगंज जिले की प्रगति अवश्य होगी। वही जिले ऊर्जावान उपायुक्त हेमंत सती का आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने कुशल शासन व्यवस्था देकर साहिबगंज जिले को निरंतर आगे बढ़ाने को कार्य कर रहे हैं। वही जिले के संवेदनशील पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह का आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने कुशल पुलिस प्रशासन एवं त्वरित कार्रवाई कर अपराधियों को सजा दिलवाया और साहिबगंज के व्यापारियों एवं नागरिकों को भयमुक्त किया इसके लिए उनका भी आभार प्रकट करते हैं। जहां आज जब हम दिशाेम गुरु शिबू सोरेन को उश्रद्धांजलि देने के लिए यहां खड़े हैं, तो हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि उनके दिखाए गए रास्ते पर चलें। वही झारखंड को एक सशक्त, समृद्ध और समानता वाला राज्य बनाने का उनका सपना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वही दिशोम गुरु शिबू सोरेन आप हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगे। आपका संघर्ष, आपकी सेवा और आपका समर्पण हमें प्रेरित करता रहेगा। वही हम सब मिलकर प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और हमें उनके आदर्शों पर चलने की शक्ति प्रदान करें। इस श्रद्धांजलि सभा के मौके पर कई अन्य वक्ताओं ने भी दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।









