जमशेदपुर: बनारस के गंगा घाट की तर्ज पर सूर्य मंदिर छठ घाट पर हुई भव्य महाआरती, बारिश के बीच आस्था का अद्भुत संगम

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जमशेदपुर, 29 जुलाई। सावन के पवित्र महीने में सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर छठ घाट पर प्रख्यात गंगा घाट की तर्ज पर हुई महाआरती ने श्रद्धालुओं को आस्था से ओतप्रोत कर दिया। सोमवार की संध्या हुई यह भव्य और दिव्य महाआरती, झमाझम बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और भक्ति का अद्वितीय दृश्य बन गई।

घंट-घड़ियाल, शंख, डमरू, वैदिक मंत्रोच्चार और रंग-बिरंगी आतिशबाजी से सजे इस आयोजन में श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। हजारों की संख्या में सिदगोड़ा और आसपास के इलाकों से आए भक्तों ने आरती में भाग लिया और मां गंगा व भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।

बनारस के पंडितों की अगुआई में हुई महाआरती

इस विशेष अवसर पर बनारस से आमंत्रित पंडितों और जमशेदपुर के 15 सदस्यीय पंडित मंडली ने मिलकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरे विधि-विधान से महाआरती संपन्न कराई। जैसे ही पंडितों ने बनारस के गंगा घाट की तर्ज पर आरती शुरू की, पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से झंकृत हो उठा।

बारिश में भी डिगी नहीं आस्था

शाम से लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालु छत्र और बरसात की परवाह किए बिना आरती में डटे रहे। आरती के दौरान ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो इंद्रदेव भी अपने जल से भक्तों को आशीर्वाद दे रहे हों। पूरे एक घंटे तक चली आरती में भोलेनाथ के जयकारों और शंखनाद से घाट का वातावरण गूंज उठा।

महाआरती में शामिल हुए विशिष्ट अतिथि

इस दिव्य आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री सह सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास, संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। छठ घाट के बीच बने महाशिवालय में महाआरती के मुख्य अनुष्ठान ने सभी को भक्ति में डुबो दिया।

आयोजन के सूत्रधारों की बात

गंगा आरती आयोजन के प्रभारी एवं मंदिर समिति के महासचिव अखिलेश चौधरी ने बताया कि “सूर्य मंदिर समिति द्वारा काशी की तर्ज पर यह भव्य महाआरती पहली बार आयोजित की गई है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।” उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार भी जताया।

इस दौरान मंदिर समिति के सभी पदाधिकारी एवं वरिष्ठ सदस्यगण कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय रहे।

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