औरंगाबाद (बिहार) : ग्रांड्डा गांव स्थित प्राचीन पंचमुखी शिव मंदिर का निर्माण कार्य इन दिनों पूरे उत्साह के साथ जारी है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनने जा रहा है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का प्रतीक भी बनेगा।
बताया जाता है कि यह स्थल विशेष रूप से पवित्र माना जाता है, क्योंकि लगभग 150 वर्ष पूर्व एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे पंचमुखी शिव जी की प्रतिमा स्वतः प्रकट हुई थी। ग्रामवासियों ने श्रद्धा के साथ वहाँ एक चबूतरे का निर्माण कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की, जो आज तक अनवरत चल रही है। जनमान्यता है कि यहाँ की गई मन्नतें पूरी होती हैं।

समय के साथ, अब इस चबूतरे को एक भव्य मंदिर का रूप दिया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन शर्मा कर रहे हैं। मंदिर की अनुमानित ऊँचाई 35 फीट होगी और इसका निर्माण उड़ीसा से आए सुप्रसिद्ध मूर्तिकार प्रदीप कुमार भोल और उनकी टीम के चार कारीगरों द्वारा किया जा रहा है, जिनका अनुभव 300 से अधिक मंदिरों के निर्माण का है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अर्जुन शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर भविष्य में निःशुल्क विवाह स्थल के रूप में भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्थानीय समाज को लाभ पहुंचेगा। इस पवित्र कार्य में मुख्य रूप से अर्जुन शर्मा के साथ-साथ सतेंद्र कुमार शर्मा, सुनील कुमार शर्मा और बिंदेश्वर पासवान का विशेष योगदान है। ग्रामीण जनता का भी उत्साहपूर्ण सहयोग मिल रहा है।
अब तक इस निर्माण स्थल पर विजय तिवारी, पूर्व विधायक अशोक सिंह, समाजसेवी प्रमोद सिंह, तथा जिला परिषद सदस्य शंकर यादव जैसे कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तियाँ अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं।
मंदिर का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री के कर कमलों से किया जाएगा। अनुमान है कि यह भव्य मंदिर आगामी तीन महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा।









