टेल्को में महिला पर लोहे की रॉड से हमला, सिर व हाथ में गंभीर चोटें — राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ने सख्त कार्रवाई की मांग उठाई

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Jamshedpur : टेल्को थाना क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां पानी गिरने के मामूली विवाद ने उस समय भयावह रूप ले लिया जब एक महिला पर लोहे की रॉड से बेरहमी से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इस हमले में पीड़ित रूबी कुमारी को सिर और दोनों हाथों में गहरी चोटें आई हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

विवाद से हिंसा तक पहुंचा मामला

घटना टेल्को कॉलोनी के एक आवासीय परिसर की है, जहां पहली मंजिल से गिरते पानी को लेकर रूबी कुमारी ने आपत्ति जताई थी। उनका आरोप है कि पहली मंजिल पर रहने वाली महिला, जो टाटा मोटर्स के कर्मचारी ईश्वर चंद्र दास की पत्नी हैं, ने अचानक आपा खो दिया और लोहे की रॉड से उन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। जब रूबी कुमारी ने इसकी शिकायत ईश्वर चंद्र दास से की तो उन्होंने भी उन पर हाथ उठा दिया।

पीड़िता बोलीं — मैं न्याय के लिए लड़ूंगी

अस्पताल में भर्ती रूबी कुमारी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे सिर पर जोरदार वार किया गया और दोनों हाथों में गंभीर जख्म हैं। लेकिन मैं डरने वाली नहीं हूं। जो मेरे साथ हुआ, वह किसी और महिला के साथ न हो, इसके लिए मैं न्याय की लड़ाई लड़ूंगी।”

टेल्को थाना में मामला दर्ज, पुलिस कर रही जांच

घटना के बाद पीड़िता ने टेल्को थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। टेल्को थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। “जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी,” थाना प्रभारी ने कहा।

राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ने की हस्तक्षेप की मांग

मामले की जानकारी मिलते ही राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष कल्याणी शरण ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने घटना को अत्यंत निंदनीय बताते हुए प्रशासन से त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की। “जो लोग महिलाओं के खिलाफ इस तरह की हिंसा करते हैं, उनके खिलाफ कानून को कठोर रुख अपनाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो,” उन्होंने कहा।

टाटा मोटर्स के कर्मचारी पर आरोप, कंपनी की छवि पर असर

हमले के आरोपी टाटा मोटर्स के कर्मचारी हैं। हालांकि कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो कंपनी द्वारा आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है।

सामाजिक आक्रोश बढ़ा, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर टेल्को क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों व नागरिकों में भी इस घटना को लेकर रोष है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर घटना पर क्या त्वरित कदम उठाता है।

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