जमशेदपुर। मोजा घाघीडीह में रैयती जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और कब्जेदारी के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को झामुमो पूर्वी सिंहभूम जिला संयोजक मंडली के प्रमुख बाघराय मार्डी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि ग्राम पटकिता, थाना जादूगोड़ा अंतर्गत मुसाबनी अंचल निवासी रामेश्वर भूमिज के पूर्वजों की खतियानी जमीन मोजा घाघीडीह, खाता संख्या 2 और 50 में दर्ज है। लेकिन अब उन्हें उसी जमीन से बेदखल किया जा रहा है।

झामुमो का आरोप है कि दशरथ मुर्मू और माझिराम मुर्मू नामक व्यक्ति कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस जमीन की अवैध खरीद-बिक्री कर रहे हैं और उस पर निर्माण कार्य भी जारी है। रामेश्वर भूमिज ने 19 मार्च 2025 को अंचल कार्यालय, जमशेदपुर में मापी एवं सीमांकन हेतु आवेदन भी दिया था, जिसके तहत 14 मई की तारीख तय की गई। लेकिन निर्धारित तिथि पर कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा और मौखिक रूप से कह दिया गया कि संबंधित खाता में अब कोई जमीन नहीं बची है।

बाघराय मार्डी ने अंचल कार्यालय की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से गरीब रैयत को उसकी पैत्रिक जमीन से बेदखल किया जा रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने डीसी से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन खरीद-बिक्री करने वाले व्यक्तियों तथा इसमें संलिप्त सरकारी कर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही वास्तविक रैयत को उसकी जमीन वापस दिलाई जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो झामुमो इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएगा और जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।









