Sonari Police Negligence सोनारी पुलिस की लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया – केस खत्म होने के 15 महीने बाद गवाह को भेजा सम्मन, जबकि कोर्ट पहले ही आरोपी को बरी कर चुका था। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

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सोनारी पुलिस की लापरवाही: केस खत्म, फिर भी 15 महीने बाद गवाह को सम्मन

सेशन ट्रायल पूरा होने के बाद भी पुलिस ने भेजा नोटिस

जमशेदपुर, ईस्ट सिंहभूम: सोनारी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। केस खत्म होने के 15 महीने बाद भी गवाह को सम्मन भेजा गया, जबकि न्यायालय में पहले ही फैसला आ चुका था।

क्या है पूरा मामला?

सोनारी थाना प्रभारी को सेशन ट्रायल संख्या एसटी 503/2022 से संबंधित गवाह चिरंजीव कुमार दत्ता (निवासी: ई-109, सोनारी) को पेश करने का आदेश मिला था। यह सम्मन 28 नवंबर 2023 को जारी हुआ था, जिसमें 18 दिसंबर 2023 तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश था।

देरी क्यों और कैसे हुई?

7 दिसंबर 2023: वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय को सम्मन मिला।

8 दिसंबर 2023: सोनारी पुलिस को आदेश प्राप्त हुआ।

2 फरवरी 2025: एसआई शिवम राज को सम्मन प्राप्त हुआ।

28 मार्च 2025: गवाह को तमीला करवाया गया।

5 फरवरी 2025: न्यायालय ने आरोपी को आरोपमुक्त कर दिया।


पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल

यह मामला पुलिस प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। गवाह को सम्मन तब तामील कराया गया, जब न्यायालय पहले ही आरोपी को बरी कर चुका था। यह घटना न्यायिक प्रक्रिया में पुलिस की निष्क्रियता को दर्शाती है और प्रशासनिक सुधार की जरूरत को उजागर करती है।


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