New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत छोटे व्यवसाय करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को 3 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी और सिर्फ 5% ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, ट्रेनिंग पूरी करने वाले लाभार्थियों को ₹15,000 का ई-वाउचर भी दिया जाएगा, जिससे वे अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ा सकें।
क्या है प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य छोटे उद्यमियों, कारीगरों और शिल्पकारों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत 18 प्रकार के परंपरागत व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिनमें बढ़ईगिरी, लोहार, दर्जी, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, जूता बनाने वाले, हस्तशिल्पी, टोकरी बुनने वाले, मूर्तिकार, कुम्हार, स्वर्णकार सहित अन्य कारीगर शामिल हैं।
इस योजना के माध्यम से कारीगरों को अपने व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन छोटे उद्यमियों को सहयोग देकर देश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।
कारीगरों को इस योजना से क्या मिलेगा?
✔ 3 लाख रुपये तक का लोन – पहले चरण में ₹1 लाख तक का ऋण दिया जाएगा, जिसे 18 महीने में चुकाना होगा। इसके बाद, दूसरे चरण में ₹2 लाख तक का अतिरिक्त ऋण मिलेगा, जिसे 30 महीने में चुकाया जा सकता है। ब्याज दर मात्र 5% होगी, जिससे लघु व्यवसायियों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी।
✔ ₹15,000 का ई-वाउचर – ट्रेनिंग पूरी करने वाले लाभार्थियों को ₹15,000 का ई-वाउचर मिलेगा, जिससे वे अपने व्यवसाय के लिए टूल किट खरीद सकते हैं।
✔ फ्री ट्रेनिंग और प्रमाण पत्र – कारीगरों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के लिए फ्री ट्रेनिंग दी जाएगी और प्रशिक्षण पूरा करने पर सरकार की ओर से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
✔ बाजार से सीधा जुड़ाव – योजना के तहत कारीगरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे वे अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचा सकें और अपनी कमाई बढ़ा सकें।
कैसे करें आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया बेहद आसान और डिजिटल है। इच्छुक आवेदक प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
इसके अलावा, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाएगी और योग्य उम्मीदवारों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
➡ आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
➡ आवेदक किसी मान्यता प्राप्त कारीगरी या शिल्प से जुड़ा होना चाहिए।
➡ उसे सरकार द्वारा चिन्हित 18 परंपरागत व्यवसायों में से किसी एक का पेशेवर होना जरूरी है।
➡ इससे पहले किसी अन्य सरकारी योजना के तहत ऋण न लिया हो।
योजना क्यों है खास?
भारत में करोड़ों कारीगर और शिल्पकार अपनी परंपरागत कला और हुनर से जीवनयापन करते हैं। लेकिन पूंजी की कमी के कारण वे अपना व्यवसाय बड़ा नहीं कर पाते। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ऐसे ही कारीगरों को वित्तीय सहयोग देने के लिए शुरू की गई है।
सरकार का मानना है कि इस योजना के तहत छोटे उद्यमियों को मजबूती मिलेगी, रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे और भारतीय शिल्प एवं हस्तकला को बढ़ावा मिलेगा।
आप भी ले सकते हैं इस योजना का लाभ
अगर आप भी एक कारीगर या शिल्पकार हैं और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। कम ब्याज दर पर लोन लेकर आप अपने काम को डिजिटल और आधुनिक बना सकते हैं।
अभी आवेदन करें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें!









