New Delhi: दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना ने एक बयान में कहा कि पिछले 10 वर्षों में पूर्व सरकार द्वारा खेले गए ‘ब्लेम गेम’ ने दिल्ली के विकास पर गहरा प्रभाव डाला है। सक्सेना ने यह भी बताया कि उनकी सरकार केंद्र और अन्य राज्यों के साथ मिलकर काम करेगी, और वह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए प्रतिस्पर्धात्मक एवं सहयोगी संघवाद के सिद्धांतों का पालन करेगी।
ब्लेम गेम का प्रभाव:
सक्सेना के अनुसार, पिछले दशकों में सत्ता में रहे नेताओं के द्वारा एक-दूसरे पर दोषारोपण करने की राजनीति ने दिल्ली के विकास के प्रयासों को अवरुद्ध किया है। उन्होंने यह उल्लेख किया कि ऐसे राजनीति के खेल से न केवल दिल्ली की शासन प्रणाली प्रभावित हुई है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
सहयोगी संघवाद की राह:
अपने बयान में सक्सेना ने जोर देकर कहा कि उनका प्रशासन एक अलग दिशा में अग्रसर होगा। “हमारी सरकार केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर काम करेगी, और हम प्रतिस्पर्धात्मक व सहयोगी संघवाद के सिद्धांतों के आधार पर अपने नीतिगत निर्णय लेंगे,” सक्सेना ने कहा। उनके इस बयान से स्पष्ट होता है कि दिल्ली प्रशासन अब विकास की दिशा में एकजुट होकर काम करने की ठानी है।
आगे की नीति:
सक्सेना ने कहा कि वे पुराने राजनीतिक विवादों और पारदर्शिता की कमी को पीछे छोड़ते हुए दिल्ली के विकास के लिए एक सकारात्मक और समन्वित प्रयास करेंगे। उनका मानना है कि जब सभी हिस्सेदार एक साथ मिलकर काम करेंगे तो दिल्ली के नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएँ और सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।
इस बयान से यह स्पष्ट हो जाता है कि दिल्ली प्रशासन अब पुराने झगड़ों और आपसी आरोप-प्रत्यारोपण को छोड़कर विकास और समन्वय पर ध्यान केंद्रित करेगा।









