tobacco consumption during pregnancy, प्रसव के आंकड़ों ने खोली पोल: तंबाकू सेवन करने वाली महिलाओं के बच्चे हो रहे कुपोषित

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Jamshedpur: गर्भावस्था के दौरान तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और गुड़ाखू जैसे मादक पदार्थों का सेवन न केवल मां के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है बल्कि इससे जन्म लेने वाले बच्चों में भी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पाई जाती हैं। हाल ही में एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल और सदर अस्पताल में हुए प्रसव के आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है कि तंबाकू सेवन करने वाली गर्भवती महिलाओं को समय से पहले लेबर पेन, प्रीमैच्योर डिलीवरी और खून की कमी जैसी जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है।

6,430 गर्भवतियों की स्टडी से सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

एमजीएम मेडिकल कॉलेज की रिसर्च टीम ने पिछले 10 महीनों के दौरान अस्पताल में आईं 6,430 गर्भवती महिलाओं के मामलों का अध्ययन किया। इस स्टडी में पाया गया कि 2,186 महिलाओं में खून की कमी सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याएं थीं। इनमें से 1,480 महिलाएं पिछले पांच वर्षों से तंबाकू उत्पादों का सेवन कर रही थीं। इन महिलाओं में हर तीन में से एक महिला को गर्भपात का सामना करना पड़ा, जबकि 74% मामलों में प्रीमैच्योर डिलीवरी हुई।

प्रमुख आंकड़े:

मादक पदार्थों के सेवन से 18% महिलाओं को समय से पहले लेबर पेन हुआ।

10% महिलाओं की प्रीमैच्योर डिलीवरी हुई।

तंबाकू सेवन करने वाली महिलाओं के बच्चों में कुपोषण और शारीरिक गतिविधियों में कमी देखी गई।


समय से पहले प्रसव के पीछे तंबाकू का बड़ा हाथ: विशेषज्ञ की राय

महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. आशा गुप्ता के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में गर्भवती महिला 37 से 40 सप्ताह के बीच बच्चे को जन्म देती है। यदि किसी महिला को 37 सप्ताह से पहले ही लेबर पेन होता है और बच्चे का जन्म हो जाता है, तो इसे प्रीमैच्योर डिलीवरी कहा जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से एक प्रमुख कारण गर्भावस्था के दौरान तंबाकू का सेवन है।

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, तंबाकू सेवन करने वाली महिलाओं के बच्चों का वजन सामान्य से कम होता है, उनकी शारीरिक गतिविधियां भी कम होती हैं और कई बार नवजात शिशु को आईसीयू में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा, इन बच्चों में आगे चलकर भी शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा आ सकती है।


गर्भावस्था में तंबाकू सेवन के खतरे:

1. प्रीमैच्योर डिलीवरी: समय से पहले बच्चे का जन्म, जिससे नवजात का विकास अधूरा रह जाता है।


2. एनीमिया: गर्भवती महिला के शरीर में खून की कमी, जो प्रसव के दौरान जटिलताएं पैदा करती है।


3. गर्भपात: तंबाकू का सेवन गर्भपात के जोखिम को बढ़ा देता है।


4. कम वजन के बच्चे: तंबाकू सेवन करने वाली महिलाओं के नवजात शिशुओं का वजन सामान्य से कम होता है।


5. शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा: इन बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास धीमा हो सकता है।

 

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