Mouni Amavasya tragedy प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 17 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान स्थगित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर।

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मौनी अमावस्या स्नान के दौरान संगम पर मची भगदड़

उत्तर प्रदेश :महाकुंभ यागराज में चल रहे महाकुंभ में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब 3 बजे संगम नोक पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें अब तक 17 लोगों की मौत की खबर है, जबकि दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद कुंभ क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, और राहत व बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।

अखाड़ा परिषद ने जताया दुख, अमृत स्नान किया रद्द

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि हादसे के चलते अखाड़ों ने अपना पारंपरिक अमृत स्नान रोक दिया है। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, सभी अखाड़ों को मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान करना था, लेकिन इस घटना ने माहौल पूरी तरह बदल दिया।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ संगम क्षेत्र में बढ़ने लगी थी। जब सुबह 3 बजे स्नान का शुभ मुहूर्त शुरू हुआ, तो संगम नोक पर अत्यधिक भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान धक्का-मुक्की होने लगी और स्थिति बिगड़ते-बिगड़ते भगदड़ में बदल गई।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीमों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गईं।

कुंभ में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इतने बड़े धार्मिक आयोजन में इस तरह की घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।

हादसे के बाद कुंभ क्षेत्र में क्या बदला?

अखाड़ों ने अमृत स्नान स्थगित कर दिया।

श्रद्धालुओं को संगम क्षेत्र में नियंत्रित तरीके से भेजा जा रहा है।

प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।

 

 

 

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