Jamshedpur : टाटानगर जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के विरोध में आगामी 7 अप्रैल को प्रस्तावित धरना को सफल बनाने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकर्ता जोर-शोर से तैयारी में जुट गए हैं। शुक्रवार से शहर के विभिन्न इलाकों में छोटी-छोटी बैठकों का दौर शुरू हो गया है। ये बैठकें जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के निर्देश पर आयोजित की जा रही हैं।
बैठकों में स्थानीय लोगों का समर्थन खुलकर सामने आ रहा है। नागरिकों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे यात्रियों की परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। अखबारों में मालगाड़ियों की ढुलाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया जा रहा।
शुक्रवार को सोनारी, बिरसानगर और परसुडीह क्षेत्र अंतर्गत बारिगोड़ा में बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में लोगों ने स्वेच्छा से आगे बढ़कर धरना को सफल बनाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। उपस्थित लोगों का मानना था कि चूंकि यह धरना सरयू राय के नेतृत्व में हो रहा है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि आंदोलन के बाद रेल मंत्रालय तक उनकी आवाज अवश्य पहुंचेगी।
गौरतलब है कि श्री राय ने इस धरना को सामाजिक आधार पर आहूत किया है। उनका कहना है कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़ा सामाजिक विषय है। यद्यपि इसकी शुरुआत जदयू द्वारा की गई है, परंतु समाज के हर वर्ग के लोगों को इसमें शामिल होने का आह्वान किया गया है।
सोनारी में आयोजित बैठक में सुबोध श्रीवास्तव, चुन्नू भूमिज, नीरज सिंह, विनोद सिंह, बुद्धेश्वर कर्मकार, दिनेश सिंह, ऊषा यादव, लक्ष्मी कर्मकार, गुड़िया देवी, मालती कर्मकार, प्रकाश दास, राम कुमार, जीतू मुर्मू, राजा मुंडा, दिलीप कर्मकार एवं प्रेरणा देवी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
बारिगोड़ा की बैठक में धरना के संयोजक एवं जदयू जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, विनीत सिंह और सूरज यादव मौजूद रहे। बारिगोड़ा बाजार समिति के अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने धरना को समर्थन देने की घोषणा की।
वहीं बिरसानगर में संपन्न बैठक में शंकर कर्मकार, विकास कुमार, विनीत सिंह, सूरज यादव, जितेंद्र कुमार, दया कुमार, सरस्वती खामरी, रेनू देवी, कनाई नायक, मंजोत सिंह, विक्की सिंह, कमल बेरा, आयुष कुमार, अविनाश कुमार एवं बिट्टू करमाली सहित कई स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि रेल प्रशासन ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।








