जमशेदपुर।
शैलेश शर्मा ने कहा कि इस बजट में देश की आधी आबादी—महिलाएं, किसान और युवा—को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। छोटे और मझोले शहरों के विकास पर विशेष फोकस किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की खाई कम होगी। कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए किए गए प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे।
उन्होंने बजट को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे लोकल से ग्लोबल बनने के लिए देश को पूर्ण अवसर मिलेगा। युवाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह बजट युवा शक्ति को सशक्त करने वाला है, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है।
शैलेश शर्मा ने कहा कि संसद में अपना नौवां बजट प्रस्तुत करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और उनके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रावधानों की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि तीन नए आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) के निर्माण से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा। इससे दवाइयों की उपलब्धता सस्ती होगी और मेडिकल टूरिज्म को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
महिला सशक्तिकरण को लेकर शैलेश शर्मा ने कहा कि बजट में महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। हर जिले में महिला छात्रावास की व्यवस्था तथा ग्रामीण महिलाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रशिक्षित कर अधिक संख्या में लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य सामाजिक और आर्थिक बदलाव की दिशा में अहम कदम है।
रेलवे क्षेत्र में गति लाने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर के लक्ष्य को उन्होंने ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे देश की कनेक्टिविटी, व्यापार और रोजगार को नई रफ्तार मिलेगी।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।









