महिला एवं बाल विकास तथा अनुसूचित जनजाति मामलों के लिए बनाए प्रतिनिधि, विकास योजनाओं के समन्वय का मिलेगा दायित्व
जमशेदपुर, 29 मई 2025 – जमशेदपुर पश्चिम के जदयू विधायक सरयू राय ने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दो नए प्रतिनिधियों की नियुक्ति की है।

अपने जारी एक आधिकारिक बयान में श्री राय ने जानकारी दी कि शिक्षिका मंजू सिंह को “महिला एवं बाल विकास” मामलों के लिए और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश कोया को “अनुसूचित जनजाति मामलों” के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। इन प्रतिनिधियों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार नई योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जिम्मेदारियों का दायरा:
1. मंजू सिंह – महिला एवं बाल विकास प्रतिनिधि:
मंजू सिंह, जो शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं, अब महिला और बच्चों के कल्याण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाएंगी।
- वे आंगनवाड़ी, पोषण मिशन, किशोरी विकास, महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू कराने में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय करेंगी।
- साथ ही, क्षेत्र की जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं और आवश्यक संसाधनों की मांग को संबंधित विभागों तक पहुँचाने का काम करेंगी।
2. प्रकाश कोया – अनुसूचित जनजाति मामलों के प्रतिनिधि:
प्रकाश कोया, जो अनुसूचित जनजाति समुदायों के बीच वर्षों से काम कर रहे हैं, अब विशेष रूप से आदिवासी समाज की जरूरतों और अधिकारों के लिए काम करेंगे।
- वे जनजातीय कल्याण विभाग के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और भूमि अधिकार से जुड़ी योजनाओं को क्षेत्र में लागू कराने में सहायता करेंगे।
- इसके अलावा, वे स्थानीय आदिवासी समुदायों की समस्याओं को विधिवत संकलित कर समाधान के लिए पहल करेंगे।
विधायक का बयान:
श्री राय ने कहा, “मंजू सिंह और प्रकाश कोया दोनों ही क्षेत्र के सामाजिक सरोकारों से जुड़े सक्रिय व्यक्ति हैं। इनकी नियुक्ति से महिला, बाल विकास और आदिवासी कल्याण के कार्यों में गति आएगी। प्रतिनिधियों का कार्य सिर्फ योजनाओं की निगरानी नहीं, बल्कि प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू कराना भी होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की सामाजिक संरचना विविध है, और हर वर्ग की आवश्यकताओं को समझते हुए प्रतिनिधियों की यह नियुक्ति की गई है। इससे एक ओर योजनाओं का निष्पादन बेहतर होगा, वहीं दूसरी ओर आम जनता की भागीदारी और विश्वास भी बढ़ेगा।











