रांची: रांची विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने आदेश जारी कर मुंडारी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. किशोर सुरिन को NSS का कार्यक्रम समन्वयक (Programme Coordinator) नियुक्त किया है। यह जिम्मेदारी उन्हें उनके नियमित कार्य के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार के रूप में तत्काल प्रभाव से तीन वर्षों के लिए दी गई है।
यह आदेश झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2000 के तहत कुलपति को प्राप्त अधिकारों के आधार पर जारी किया गया है और इसकी अधिसूचना विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार द्वारा जारी की गई है।
वर्षों से इस पद पर थे . बृजेश कुमार
इससे पहले बृजेश कुमार रांची विश्वविद्यालय में NSS के कार्यक्रम समन्वयक के पद पर लंबे समय से कार्यरत थे। वे राज्य स्तर पर भी राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े रहे और राज्य NSS के SNO (State NSS Officer) के रूप में भी उनकी भूमिका बताई जाती रही। हालांकि जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा रांची विश्वविद्यालय के माध्यम से यह जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी, लेकिन इस पद के लिए उनका चयन किसी अलग राज्य स्तरीय प्रक्रिया के तहत विशेष रूप से नहीं हुआ था।
कार्यकाल के दौरान कई विवाद
बृजेश कुमार के कार्यकाल को लेकर समय-समय पर कई विवाद भी सामने आते रहे। कई विश्वविद्यालयों के NSS स्वयंसेवकों और छात्रों द्वारा उन पर भ्रष्टाचार, पक्षपात और मनमानी करने के आरोप लगाए जाते रहे। आरोप यह भी लगते रहे कि उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर प्रशासनिक दबाव बनाया जाता था।
कुछ स्वयंसेवकों ने यह भी आरोप लगाया था कि कार्यक्रमों और चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी रही और विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती थी।
हटाए जाने की खबर से छात्रों में चर्चा
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उन्हें पद से हटाने और नई जिम्मेदारी डॉ. किशोर सुरिन को देने की खबर सामने आने के बाद कई NSS स्वयंसेवकों और छात्रों के बीच इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई जगहों पर छात्रों के बीच इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. किशोर सुरिन को मिली नई जिम्मेदारी
अब डॉ. किशोर सुरिन, जो रांची विश्वविद्यालय के मुंडारी विभाग में सहायक प्राध्यापक हैं, को NSS कार्यक्रम समन्वयक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा।









