ईदल बेड़ा के प्राचीन हनुमान मंदिर में रामनवमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब

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Jamshedpur : ईदल बेड़ा स्थित वर्ष 1976 में स्थापित प्राचीन श्री श्री सार्वजनिक हनुमान मंदिर में रामनवमी का पावन पर्व इस वर्ष अभूतपूर्व श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। पूरे क्षेत्र में भक्ति की ऐसी अलौकिक धारा बही कि हर ओर “जय श्री राम” और “बजरंगबली की जय” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक झालरों और मनमोहक रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था। सजावट इतनी आकर्षक थी कि परिसर दिव्यता का आभास करा रहा था। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी। भक्तों ने विधि-विधान से भगवान श्रीराम एवं हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर आयोजित भव्य भजन-कीर्तन, संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ और दिव्य महाआरती ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और मन में भक्ति की गहराई स्पष्ट झलक रही थी।

पूजा-अर्चना के पश्चात मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के बीच भव्य रूप से प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अनुशासन ने कार्यक्रम की गरिमा को और भी ऊंचाई प्रदान की।

इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय मंदिर समिति और क्षेत्र के समर्पित युवाओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। विशेष रूप से अभिमन्यु गोप, प्रह्लाद गोप, दिनेश गोप, हरेन गौड़, गणेश गोप, निराकार गोप, धासीराम गोप, नन्द गोप, सुरेश गोप, राजीव गोप, करण बारीक, सुदामा महतो, निखिल गोप, आरुस गोप एवं दीपक गोप ने सक्रिय भागीदारी और अथक परिश्रम से आयोजन को भव्यता के शिखर तक पहुंचाया। उनकी सेवा-भावना और धार्मिक निष्ठा ने पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

रामनवमी का यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक समरसता का भी अनुपम संदेश देकर गया। शिलडुगरी क्षेत्र में आयोजित यह भव्य पर्व आने वाले वर्षों तक लोगों के हृदय में अपनी अमिट छाप छोड़ता रहेगा।

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