Jamshedpur : झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन एवं राज्य के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल ने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के रूप में 14 वर्षों का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिला एवं अनुमंडल बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने उन्हें बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजेश शुक्ल ने अपने कार्यकाल के दौरान अधिवक्ताओं के हित और कल्याण के लिए लगातार कार्य किया। उन्होंने अधिवक्ता कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से झारखंड स्टेट बार काउंसिल की पेंशन योजना को प्रभावी रूप से लागू कराने में उनके योगदान को अधिवक्ताओं ने ऐतिहासिक बताया। आज राज्य के कई अधिवक्ता एवं उनके परिजन इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
बताया गया कि कार्यवाहक चेयरमैन के रूप में अपने संक्षिप्त कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। वहीं दो निर्वाचित कार्यकालों में वाइस चेयरमैन के रूप में अधिवक्ताओं के हित से जुड़े कई कल्याणकारी कदम उठाए गए।
घाटशिला बार एसोसिएशन सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके आवास पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। घाटशिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि राजेश शुक्ल झारखंड के अधिवक्ताओं के गौरव हैं और उन्होंने हर परिस्थिति में अधिवक्ताओं के सुख-दुख में साथ खड़े होकर मदद की है।
राजेश शुक्ल को बधाई देने वालों में बिहार स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन रमाकांत शर्मा, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य प्रशांत कुमार सिंह, झारखंड बार काउंसिल के सदस्य अनिल कुमार महतो, परमेश्वर मंडल, मृत्युंजय श्रीवास्तव, अब्दुल कलाम रशीदी, बिहार स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम कुमार ओझा सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे।
इसके अलावा चाईबासा, सरायकेला, चांडिल और जमशेदपुर जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सैकड़ों अधिवक्ताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि उन्होंने हमेशा अधिवक्ताओं के हित को सर्वोपरि रखा है और आगे भी उनके अधिकारों एवं कल्याण के लिए कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और उन्हें विश्वास है कि इसमें सफलता मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड देश के उन राज्यों में शामिल है जहां अधिवक्ताओं के लिए सबसे अधिक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, और भविष्य में इन्हें और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य जारी रहेगा।











