Jamshedpur : जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ 16 दिवसीय अभियान के तहत बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका में मानसिक स्वास्थ्य और हिंसा पीड़ित महिलाओं की सहायता में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की भूमिका पर एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन युवा संस्था यूथ यूनिटी फॉर वॉलंटरी एक्शन तथा क्रिया संस्था, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में मानवाधिकार दिवस के अवसर पर किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य जेंडर आधारित हिंसा, डिजिटल हिंसा और इनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को समझना तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की संवेदनशील और प्रभावी भूमिका को मजबूत करना था।
पौधा में पानी डालकर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
उद्घाटन सत्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनी महाकुड, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक अनामिका सिंह, ब्लॉक आशा फैसिलिटेटर बुढ़ाई मुर्मू, सहिया साथी कविता भगत, दीपाली पात्रो और रिसोर्स पर्सन अपर्णा वाजपेई शामिल रहीं।
उद्घाटन के बाद संबोधित करते हुए डॉ. रजनी महाकुड ने कहा, “जेंडर आधारित हिंसा लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा प्रभाव महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को पीड़ित महिलाओं की पहचान, काउंसलिंग और रेफरल में संवेदनशील भूमिका निभानी होगी।”
अनामिका सिंह ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से कहा कि “हम स्वयं स्वस्थ रहेंगे तभी समुदाय की बेहतरी के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।”
रिसोर्स पर्सन अपर्णा वाजपेई ने पीपीटी, संवादात्मक चर्चाओं और केस स्टडी के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य की शुरुआत भावनाओं की समझ से होती है। मानसिक बीमारी के कारणों में सामाजिक परिस्थितियाँ, जैविक कारण, कठिन जीवन अनुभव तथा नकारात्मक विचार शामिल हैं। मानसिक स्वास्थ्य के लक्षण, रोकथाम और स्वास्थ्य सुधार के उपायों को भी विस्तार से समझाया गया।
महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा— प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी
कार्यक्रम में पोटका प्रखंड के विभिन्न पंचायतों की सहिया साथी एवं सहिया बड़ी संख्या में शामिल हुईं। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक बताया और कहा कि अब वे समुदाय की महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य एवं हिंसा से संबंधित मामलों को बेहतर ढंग से समझकर सहायता प्रदान कर सकेंगी।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर अंजना देवगम के स्वागत भाषण और अभियान के उद्देश्यों के परिचय से हुई, जबकि समापन चांदमनी संवैया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।









