गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या के मास्टरमाइंड आशीष रंजन सिंह एनकाउंटर में ढेर, AK-47 समेत भारी हथियार बरामद

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धनबाद/प्रयागराज:
धनबाद जेल में कुख्यात गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या की साजिश रचने वाला अपराधी आशीष रंजन सिंह आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। बुधवार की देर रात उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम ने प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना अंतर्गत शिवराजपुर चौराहा के पास एक मुठभेड़ के दौरान उसे ढेर कर दिया।

आशीष रंजन सिंह मूल रूप से झारखंड के धनबाद जिले के जेसी मालिक रोड का निवासी था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आशीष ने फोर्स पर फायरिंग की, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी गोलियां चलाईं और उसे मौके पर ही मार गिराया गया।

भारी मात्रा में हथियार बरामद:

मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एके-47 राइफल, 9 एमएम की पिस्टल सहित अन्य अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि आशीष किसी बड़ी वारदात की योजना में लगा हुआ था।

अमन सिंह की हत्या में थी मुख्य भूमिका:

ज्ञात हो कि गैंगस्टर अमन सिंह की धनबाद जेल के भीतर हत्या कर दी गई थी, जिसने झारखंड समेत पूरे पूर्वी भारत के अपराध जगत में हलचल मचा दी थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अमन सिंह की हत्या की साजिश जेल के बाहर से रची गई थी, जिसमें आशीष रंजन की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

STF की लगातार नजर थी आशीष पर:

उत्तर प्रदेश STF को आशीष की लोकेशन की जानकारी जैसे ही मिली, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की। आशीष ने आत्मसमर्पण करने की बजाय गोलियां चलाईं, जिससे जवाबी फायरिंग में वह मारा गया।

झारखंड पुलिस से समन्वय:

झारखंड पुलिस और यूपी STF के बीच इस ऑपरेशन को लेकर लगातार समन्वय बना हुआ था। आशीष के खिलाफ झारखंड और बिहार में कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, रंगदारी, और अवैध हथियारों की तस्करी शामिल है।आशीष रंजन की मौत को झारखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारी मानते हैं कि इससे पूर्वी भारत में सक्रिय कई आपराधिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

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