खरकाई ब्रिज पर ‘जुगाड़’ से बचते नियम, बढ़ता खतरा; यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Jamshedpur: जमशेदपुर और आदित्यपुर को जोड़ने वाले खरकाई ब्रिज पर यातायात नियमों से बचने के लिए अपनाए जा रहे “जुगाड़” अब चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। पुलिस की सख्ती के बावजूद लोग जिस तरह जोखिम उठाकर नियमों से बचने की कोशिश कर रहे हैं, वह किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

जानकारी के अनुसार, कई दोपहिया वाहन चालक चेकिंग से बचने के लिए झाड़ियों, कच्चे रास्तों और जंगलों का सहारा ले रहे हैं। ऐसे रास्तों पर फिसलने, टायर फटने या सुनसान इलाकों में दुर्घटना होने का खतरा लगातार बना रहता है। इसके अलावा ट्रिपल लोडिंग और बिना हेलमेट वाहन चलाना भी आम होता जा रहा है, जो सीधे तौर पर जान के लिए खतरा है।

अक्सर देखा जाता है कि चालक जुर्माने से बचने के लिए पुल के मुहाने पर एक सवारी को उतार देते हैं और आगे जाकर फिर बैठा लेते हैं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि अचानक रुकने और सवारी उतारने से पीछे आ रहे वाहनों के लिए दुर्घटना की स्थिति भी पैदा करता है, जिससे यातायात बाधित होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस को केवल पुल के अंत में तैनात रहने के बजाय उन वैकल्पिक रास्तों और झाड़ियों वाले मार्गों पर भी निगरानी बढ़ानी चाहिए, जिनका उपयोग लोग बचने के लिए कर रहे हैं। साथ ही पुल पर हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाने से नंबर प्लेट के आधार पर सीधे चालान भेजा जा सकता है, जिससे अफरा-तफरी कम होगी और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

आदित्यपुर और जमशेदपुर के बीच रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में स्थानीय संगठनों के सहयोग से हेलमेट और सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर जागरूकता अभियान और छोटे-छोटे कैंप लगाए जाने की जरूरत है।

कड़वी सच्चाई यह है कि जुर्माने से बचने के लिए अपनाए गए ये “पैंतरे” दुर्घटना के समय किसी काम नहीं आते। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए करना आवश्यक है।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.