जे-टेट 2026 में भूमिज भाषा की वापसी से खुशी की लहर, मातृभाषा में परीक्षा का मिलेगा अवसर

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Potka: झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (जे-टेट) 2026 में जनजातीय भाषा भूमिज को पुनः शामिल किए जाने के निर्णय से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस संबंध में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय) द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद भूमिज समाज में उत्साह का माहौल है।

तेंतला में आयोजित पत्रकार वार्ता में भूमिज विशेषज्ञ हरिश चंद्र सिंह भूमिज, जुड़ी पंचायत के मुखिया सुकलाल सरदार एवं भारतीय आदिवासी भूमिज समाज के प्रदेश अध्यक्ष रथु सिंह सरदार ने बताया कि जे-टेट 2012 और 2016 के बाद भूमिज भाषा को परीक्षा से हटा दिया गया था। इस मुद्दे को लेकर पोटका विधायक संजीव सरदार ने लगातार मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों से संवाद और पत्राचार किया। साथ ही विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया, जिसके फलस्वरूप यह निर्णय संभव हो पाया।


समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अब भूमिज समाज के शिक्षित युवाओं को अपनी मातृभाषा में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए रांची, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों को परीक्षा केंद्र के रूप में नामित किया गया है।


इस निर्णय के लिए भूमिज समाज ने विधायक संजीव सरदार एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही दिवंगत पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

समाज के लोगों ने बताया कि जल्द ही स्वागत एवं आभार यात्रा निकालकर विधायक संजीव सरदार, घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन, जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, विधायक समीर कुमार महंती एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार प्रकट किया जाएगा।

पत्रकार वार्ता में सतीश सरदार, मंजु सरदार, रामेश्वर सरदार, अमल सिंह, मनोरंजन सरदार, ईश्वरलाल सरदार, भृगुराम सरदार, अरूप सरदार, कृष्ण सिंह सरदार, विष्णु पद सरदार, सागर सरदार, लाल सरदार, आशीष सरदार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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