प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जनता एकजुट हो: निपु सिंह

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Ranchi : झारखंड में प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती फीस और कथित मनमानी के खिलाफ एक बार फिर आवाज तेज होती दिख रही है। झारखंड अगेंस्ट करप्शन के केंद्रीय संगठन मंत्री सह नशामुक्त झारखंड अभियान के सूत्रधार और रांची लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी निपु सिंह ने राज्य की जनता से एकजुट होकर इस मुद्दे पर संघर्ष करने की अपील की है।

रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य के प्राइवेट स्कूल लगातार अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल हर साल ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं, जबकि किताबें और यूनिफॉर्म मनमाने दामों पर बेची जा रही हैं। “पचास रुपये की किताबें पांच सौ में और तीन सौ का ड्रेस हजारों में बेचा जा रहा है,” उन्होंने कहा।

सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि ट्यूशन फीस के अलावा डिजिटल क्लास के नाम पर अलग शुल्क लिया जा रहा है। इतना ही नहीं, फीस जमा करने में एक दिन की देरी होने पर भी लेट फाइन वसूला जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ट्यूशन फीस ली जा रही है, तो फिर हर साल ‘एनुअल डेवलपमेंट फंड’ और ‘बिल्डिंग फंड’ के नाम पर अतिरिक्त राशि क्यों ली जाती है।

उन्होंने सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। सिंह के अनुसार, “सरकार और उपायुक्त द्वारा निर्देश दिए जाने के बावजूद स्कूलों की मनमानी जारी है। यह बेहद चिंताजनक है कि इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।”

अपने लंबे सामाजिक संघर्ष का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि वे पिछले दो दशकों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नशामुक्त झारखंड के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों लक्ष्य पूरे नहीं होते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

अंत में उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा, “जिस तरह देश की आजादी के लिए लोग एकजुट हुए थे, उसी तरह अब प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ भी एक मंच पर आना होगा।”

झारखंड में शिक्षा व्यवस्था और निजी स्कूलों की फीस को लेकर यह मुद्दा एक बार फिर गरमाता नजर आ रहा है, और आने वाले दिनों में इस पर व्यापक जनआंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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