Jamshedpur : खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के निर्देशानुसार टाटा स्टील की सिजुआ कोलियरी, झरिया डिवीजन में हानिकारक गैसों के संभावित विस्फोट पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का नेतृत्व अनिल कुमार दास (DMS, R1, CZ) और जावेद आलम (DDMS, R1, CZ) ने किया।

मॉक ड्रिल से पहले DGMS अधिकारियों ने कोलियरी का औचक निरीक्षण किया और तत्काल 15 पिट फायर एरिया के 13 सीम में संभावित CO गैस विस्फोट की स्थिति पर एक मॉक ड्रिल करने का निर्देश दिया।

इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में मौजूदा तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच करना था। ड्रिल के दौरान गैस विस्फोट की काल्पनिक घटना को ट्रिगर किया गया, जिसके बाद माइंस रेस्क्यू स्टेशन, धनसार, कोलियरी प्रबंधन, मेडिकल सर्विस, सुरक्षा दल और अन्य संबंधित विभागों को सूचित कर उनकी प्रतिक्रिया और रिपोर्टिंग समय को सावधानीपूर्वक ट्रैक किया गया।

ड्रिल के उपरांत टीम द्वारा निष्कर्षों पर चर्चा की गई।
अनिल कुमार दास ने आपात स्थितियों में मॉक ड्रिल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए वास्तविक बचाव अभियानों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और टीम की तत्परता की प्रशंसा की।
संजय राजोरिया (GM, झरिया डिवीजन, टाटा स्टील) ने खतरनाक परिस्थितियों से निपटने हेतु निरंतर प्रशिक्षण और व्यवहारिक मार्गदर्शन की आवश्यकता पर बल दिया और DGMS का आभार व्यक्त किया।

विकास कुमार (एजेंट सह प्रमुख, सिजुआ ग्रुप) ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ मॉक ड्रिल के समापन की घोषणा की।
यह मॉक ड्रिल कोलियरी क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने और अत्यावश्यक परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को परखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।









