Chaibasa:पश्चिम सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र के तिरिलपोसी गांव में बुधवार को Central Reserve Police Force की 134 बटालियन द्वारा सिविक एक्शन प्लान के तहत जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों के बीच चिकित्सा शिविर, आवश्यक सामग्री वितरण और सुरक्षा जागरूकता से जुड़े कई पहल किए गए।
कार्यक्रम के दौरान सीआरपीएफ कैंप में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में डॉ. केके सिंह ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां वितरित कीं। इसके साथ ही स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के बीच बैग, खेल सामग्री, पानी के गैलन, तिरपाल, कंबल, छाते, साड़ियां, बर्तन, कुदाल, गैता, मच्छरदानी और सेनेटरी पैड सहित कई उपयोगी घरेलू सामग्री वितरित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत 10 फरवरी को आईईडी विस्फोट में मारे गए तिरिलपोसी गांव के सलाई चेरवा और जयसिंह चेरवा को श्रद्धांजलि देकर की गई। सीआरपीएफ अधिकारियों और ग्रामीणों ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही दोनों मृतकों के परिजनों को 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि और घरेलू उपयोग की सामग्री प्रदान की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 134 बटालियन के समादेष्टा Trilok Nath Singh ने कहा कि सारंडा में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि जो युवा भटक कर माओवादी गतिविधियों में शामिल हो गए हैं, वे मुख्यधारा में लौट आएं। अन्यथा हाल के मुठभेड़ों की तरह उन्हें भी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अब सारंडा के ग्रामीण नक्सलियों से डरने वाले नहीं हैं और क्षेत्र में शांति एवं विकास का माहौल तेजी से स्थापित हो रहा है।
सहायक कमांडेंट पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि तिरिलपोसी गांव के हर ग्रामीण की सुरक्षा और विकास की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांव में लंबित विकास कार्यों की जानकारी जिला प्रशासन को देकर उन्हें जल्द पूरा कराया जाएगा।
इस मौके पर द्वितीय समादेष्टा बलय भूषण भक्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वार्ड सदस्य, सेविका, एएनएम, डकुवा और बड़ी संख्या में ग्रामीण व सीआरपीएफ जवान मौजूद थे। कार्यक्रम से ग्रामीणों में सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत हुई है।








