हेमंत सरकार ने बदली अटल मोहल्ला क्लीनिक की पहचान, आलोक बाजपेई ने जताया विरोध

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Jamshedpur : भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यसमिति सदस्य एवं झारखंड आंदोलनकारी आलोक बाजपेई ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर संचालित मोहल्ला क्लीनिक योजना का नाम बदलकर मदर टेरेसा के नाम पर कर देना दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने इसे अटल जी के योगदान को कम आंकने का प्रयास बताया।

प्रेस विज्ञप्ति जारी कर श्री बाजपेई ने कहा कि झारखंड अलग राज्य की नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के नाम से चलाई जा रही योजना को बदलना इस सरकार की सोच को दर्शाता है। उनका कहना था कि यदि मदर टेरेसा को सम्मान देना ही था, तो उनके नाम से कोई नई योजना शुरू की जाती। एक स्थापित योजना की पहचान बदलना उचित नहीं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में महागठबंधन की सरकार है, जिसमें ऐसे दल शामिल हैं जो कभी झारखंड की पहचान और आंदोलन से समझौता कर चुके हैं। श्री बाजपेई ने याद दिलाया कि राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव ने कहा था, “मेरे शव पर झारखंड बनेगा,” जबकि कांग्रेस ने भी कई बार झारखंड आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की।

श्री बाजपेई ने झारखंड मुक्ति मोर्चा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1996 से 2000 तक के बीच जब निर्णायक संघर्ष की ज़रूरत थी, तब झामुमो के नेता ऑटोनॉमस काउंसिल को स्वीकार कर चुप बैठ गए। उस समय अटल जी ने ही लोकसभा चुनाव में स्पष्ट कहा था कि यदि उनकी सरकार बनी तो वे झारखंड को अलग राज्य का दर्जा देंगे — और उन्होंने अपने वादे को निभाया भी।

उन्होंने कहा कि आज सत्ता में वही दल हैं, जिन्होंने कभी झारखंड की आकांक्षाओं को कुचलने की कोशिश की थी। नाम बदल देने से इतिहास नहीं बदल जाता। झारखंड के गठन में अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान कभी मिटाया नहीं जा सकता। यह निर्णय राज्य के नागरिकों की भावना के विपरीत है और इसकी घोर आलोचना होनी चाहिए।

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