Jamshedpur : हूल दिवस के अवसर पर आजसू पार्टी ने सोमवार को परसुडीह स्थित सिद्धू-कान्हू चौक पर माल्यार्पण कर ‘समर्पण दिवस’ के रूप में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इस मौके पर पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने शहीद सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन वीर शहीदों को जो सम्मान मिलना चाहिए, वह अब तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी झारखंडी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इन शहीदों के सपनों को साकार करने और उन्हें यथोचित सम्मान दिलाने का कार्य करेगी।
हूल को राजकीय पाठ्यक्रम में शामिल करने का संकल्प
कार्यक्रम में आजसू नेता कन्हैया सिंह ने कहा कि पार्टी वर्तमान सरकार की कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति उदासीन रवैये के खिलाफ संघर्ष करेगी। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि आज हूल दिवस पर हम संकल्प लेते हैं कि हूल विद्रोह की गौरवगाथा को राज्य के पाठ्यक्रम में शामिल कराने की दिशा में अभियान चलाएंगे।”
समर्पण और संघर्ष का प्रतीक है हूल
आजसू नेताओं ने कहा कि हूल दिवस केवल इतिहास की घटना नहीं, बल्कि यह संघर्ष, समर्पण और स्वाभिमान की चेतना है, जो आज भी समाज को जागरूक करती है। शहीद सिद्धू-कान्हू, फूलो-झानो और अन्य वीर सपूतों ने जो बलिदान दिया, वह झारखंड की माटी की अस्मिता है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कन्हैया सिंह, धीरज यादव, संजय सिंह, प्रसन्नजीत भौमिक, ललन झा, संतोष सिंह, कीर्तिवास मंडल, प्रवीण प्रसाद, सौरभ राहुल सिंह, मनोज महतो, बबलू करूआ, शंकर प्रजापति, शेखर सहिस समेत कई कार्यकर्ता व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।









