Jamshedpur : झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन एवं राज्य के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल ने कहा है कि वर्ष 2025 अधिवक्ताओं के लिए अनेक चुनौतियों से भरा रहा, लेकिन वर्ष 2026 अधिवक्ताओं के हित में कई बड़ी सौगातें लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा अधिवक्ताओं और उनके परिजनों को सामूहिक बीमा योजना से जोड़ने के साथ-साथ एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को भी लागू किया जाएगा।
राजेश कुमार शुक्ल ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि भारत के विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया तथा झारखंड स्टेट बार काउंसिल को आश्वस्त किया है कि मार्च 2026 से पहले पूरे देश सहित झारखंड के अधिवक्ताओं को सामूहिक बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को भी अमल में लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन एवं राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्र को भी केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है और नए वर्ष की शुरुआत में ही कई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा।
श्री शुक्ल ने बताया कि हाल ही में उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात कर झारखंड के अधिवक्ताओं की समस्याओं, कठिनाइयों और चुनौतियों से अवगत कराया था। इस दौरान उन्होंने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने और सामूहिक बीमा योजना शुरू करने की मांग रखी थी, जिस पर मंत्री ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके अलावा बार काउंसिल ऑफ इंडिया और विभिन्न स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन की संयुक्त बैठक में भी 2026 की शुरुआत में इन योजनाओं को मूर्त रूप देने की बात कही गई।
राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि वर्ष 2026 में झारखंड के अधिवक्ताओं के लिए कई अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी लागू कराई जाएंगी, जिनमें विशेष रूप से युवा और महिला अधिवक्ताओं के हितों पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 2026 में राज्य के सभी जिला और अनुमंडल न्यायालयों तथा बार भवनों में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा कई जिलों और अनुमंडलों में बार भवनों का निर्माण शुरू किया जा चुका है। जहां निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर इसे शीघ्र शुरू कराने की मांग की जाएगी, ताकि सभी जिला और अनुमंडल न्यायालयों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं और समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध कराए जा सकें।









