Jamshedpur:साकची स्थित एक होटल में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा शुरू से ही नगर निकाय चुनाव कराने की नहीं थी और बीते तीन वर्षों से जानबूझकर चुनाव टाले जाते रहे।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य की 48 नगर निकायों में आंदोलन और प्रदर्शन कर सरकार को चुनाव कराने पर मजबूर किया। “दबाव में आकर चुनाव तो कराए जा रहे हैं, लेकिन सरकार की नीयत साफ नहीं है,” उन्होंने कहा।
दलीय आधार और ईवीएम से बचने का आरोप
आदित्य साहू ने कहा कि वर्ष 2018 में दलीय आधार पर और ईवीएम से चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार सरकार हार के डर से पीछे हट रही है। उनके अनुसार, “26 साल बाद बैलेट पेपर से चुनाव कराना लोकतंत्र को पीछे ले जाने जैसा है।”
अपराधियों के सहारे चुनाव की साजिश?
प्रदेश अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार गुंडों और अपराधियों के सहारे चुनाव को प्रभावित करना चाहती है। भाजपा ने चुनाव आयोग से केंद्रीय बल की तैनाती और हर बूथ पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
चक्रधरपुर में धमकी का मामला
उन्होंने दावा किया कि चक्रधरपुर में भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह गागराई को जान से मारने की धमकी दी गई है। पोस्टर चिपकाकर डराने की कोशिश की जा रही है और महिलाओं को भी प्रचार से रोकने के लिए धमकाया जा रहा है। साहू ने कहा, “राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है।”
कड़िया मुंडा को धमकी पर सरकार मौन
वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा को मिली धमकी का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया। “आठ बार सांसद रहे वरिष्ठ नेता तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा?” उन्होंने कहा।
अपहरण मामलों पर सरकार घिरी
आदित्य साहू ने दावा किया कि जमशेदपुर में उद्योगपति के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में भाजपा के आंदोलन के बाद ही प्रशासन सक्रिय हुआ। उन्होंने धुर्वा और अन्य अपहरण मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में सैकड़ों बच्चे अब भी लापता हैं।
प्रशासन को चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासन को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अधिकारी किसी “टूलकिट” का हिस्सा न बनें और निष्पक्ष चुनाव कराएं। “पक्षपात करने वाले अधिकारियों को न्यायालय तक ले जाया जाएगा,” उन्होंने चेतावनी दी।
4800 सीटों पर जीत का दावा
साहू ने दावा किया कि भाजपा समर्थित प्रत्याशी 4800 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे और यह चुनाव राज्य सरकार के खिलाफ जनादेश साबित होगा। उन्होंने इसे “युवा विरोधी, महिला विरोधी, व्यापारी विरोधी और आदिवासी मूलवासी विरोधी” सरकार के खिलाफ लड़ाई बताया।
प्रेस वार्ता में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, प्रदेश मंत्री नंदजी प्रसाद, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, जदयू पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा और जदयू प्रवक्ता आकाश शाह मौजूद रहे।
अंत में आदित्य साहू ने कहा, “यह चुनाव सिर्फ नगर निकाय का नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है। जनता इस निरंकुश और अकर्मण्य सरकार को मुंहतोड़ जवाब देगी।”








