Jamshedpur : झारखंड बंगाली समिति की जमशेदपुर शाखा के तत्वावधान में भालुबासा स्थित जोड़ मंदिर प्रेक्षागृह में भव्य विजया सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी शेखर दे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में विजया दशमी की शुभकामनाओं के साथ बंगाली संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सौहार्द का सुंदर संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर शेखर दे ने सभी को विजया दशमी की शुभकामनाएं देते हुए दुर्गा पूजा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विजया दशमी असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें सदैव सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस दौरान समिति की ओर से उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
गीत, कविता और संगीत की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव तपन सेनशर्मा ने किया। सामूहिक स्वागत गीत बुलबुल घोष, सुपर्णा सेनशर्मा, मधुमिता कुंडू, दीपा बनर्जी एवं तपती दत्ता ने प्रस्तुत किया। शाखा अध्यक्ष झरना कर ने स्वागत भाषण दिया, जबकि निखिल दत्ता ने शुभकामना संदेश प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत निसार सरफुद्दीन, पूरबी घोष, शुक्ला रायचौधरी, देवयानी दत्ता, चंदना चटर्जी एवं पूरबी चटर्जी ने कविता पाठ किया। आशीष गुप्ता ने हास्य-व्यंग्य रचना प्रस्तुत कर लोगों का मनोरंजन किया। वहीं, आरती सेन, ज्योत्स्ना कर एवं शमिता रक्षित ने एकल गीतों की प्रस्तुति दी। अरूप घोष और ज्योत्स्ना घोष ने युगल संगीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में श्यामल शील ने विजया दशमी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस पर्व से जुड़ी परंपराओं और सामाजिक संदेशों को साझा किया।
पूरा आयोजन आनंद, आपसी सौहार्द, भाईचारे और बंगाली संस्कृति की समृद्ध परंपरा का सुंदर उदाहरण बना। अंत में समिति के शाखा सचिव तपन सेनशर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन कर सभी अतिथियों, कलाकारों एवं उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
















