Chandil: चांडिल डैम के विस्थापितों की लंबित समस्याओं, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन एवं विस्थापित मुक्ति वाहिनी ने 7 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। रविवार को चांडिल डैम नौका विहार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के प्रतिनिधि राकेश रंजन महतो, श्यामल मार्डी और जगन्नाथ किस्कू ने आंदोलन की जानकारी दी।
प्रतिनिधियों ने कहा कि डैम निर्माण के 44 वर्ष बाद भी कई विस्थापित परिवार भूमि मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार, विकास पुस्तिका, अनुदान और प्रशिक्षण राशि जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने लंबे समय से लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच कर विस्थापित परिवारों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
संगठनों ने जलाशय क्षेत्र में प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर प्लांट को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि परियोजना से जलाशय में होने वाले मछली पालन पर संभावित असर को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
बताया गया कि 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्वर्णरेखा परियोजना अंचल एवं प्रमंडल कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन की ओर से विस्थापित परिवारों और प्रभावित ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में धरने में शामिल होने की अपील की गई है।















