Jadugoda: झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के निर्देश पर 10 अगस्त को जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों को लेकर विशेष निर्देश जारी किया गया था। इसी के तहत जादूगोड़ा स्थित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय में भी विद्यालय बंद रखा गया। हालांकि, आधे दिन की छुट्टी को लेकर स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों में दिनभर अलग-अलग तस्वीर देखने को मिली।
विद्यालय में मौजूद कुछ बच्चों से जब छुट्टी के कारण के बारे में पूछा गया तो वे स्पष्ट तौर पर इसकी वजह नहीं बता सके। वहीं, नरवा समेत दूर-दराज के क्षेत्रों से स्कूल आने वाले कुछ विद्यार्थी निर्धारित समय के बाद भी तुरंत घर नहीं लौटे और विद्यार्थी कॉलोनी तथा आसपास के इलाकों में दोस्तों के साथ समय बिताते नजर आए।
दूसरी ओर, विद्यालय के आसपास रहने वाले कुछ बच्चे घर जाने के बाद दोबारा स्कूल की ओर पहुंच गए। इससे अभिभावकों के बीच भी निर्देश को लेकर असमंजस की स्थिति देखने को मिली।
अभिभावकों का कहना था कि यदि विद्यालय में पूरी तरह छुट्टी घोषित कर दी जाती तो स्थिति अधिक स्पष्ट रहती। आधे दिन तक स्कूल बंद रखने के कारण दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा। शिक्षकों के लिए भी ऐसी व्यवस्था को लेकर असुविधा की स्थिति बनी रही।
हालांकि, स्कूल बंद होने का असर बच्चों के उत्साह पर अलग नजर आया। कई विद्यार्थी दोस्तों के साथ खेलते और समय बिताते दिखाई दिए। पढ़ाई से मिली इस अतिरिक्त छुट्टी ने बच्चों को एक-दूसरे के साथ समय बिताने का मौका दे दिया।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी पत्र में विद्यार्थियों की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 10 अगस्त को पूर्वाह्न 10:30 बजे तक विद्यालय बंद रखने का निर्देश दिया गया था। साथ ही निर्देश में यह भी कहा गया था कि इसके बाद भी विद्यालय में पठन-पाठन एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं की जाएं।
छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में जारी इस निर्देश का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। हालांकि, जादूगोड़ा में आंशिक छुट्टी की व्यवस्था ने स्कूल आने वाले बच्चों और अभिभावकों के सामने व्यावहारिक दिक्कतें भी खड़ी कर दीं।
















