रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की 26 हजार सहायक आचार्य भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
जानकारी के अनुसार, अगस्त 2023 में भर्ती के लिए आवेदन लिए गए थे। वर्ष 2024 में परीक्षा आयोजित हुई और 2025 से चरणबद्ध तरीके से परिणाम जारी किए जाने लगे। अभ्यर्थियों का दावा है कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद 16 फरवरी 2026 को कटऑफ जारी किया गया, जबकि उससे पहले ही 5,000 से अधिक अभ्यर्थियों के नाम नियुक्ति के लिए भेजे जा चुके थे।
कई अभ्यर्थियों का आरोप है कि कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद उनका चयन नहीं किया गया। उनका कहना है कि 188 की कटऑफ के मुकाबले 227 अंक तथा 283.28 की कटऑफ के मुकाबले 316.37 अंक प्राप्त करने वाले कुछ अभ्यर्थियों के नाम भी चयन सूची में शामिल नहीं किए गए। उनका यह भी आरोप है कि शिकायत और दस्तावेज जमा कराने के बावजूद JSSC की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है और राज्य सरकार से जवाब मांगा जा रहा है।
















