कारगिल विजय दिवस पर जमशेदपुर में भव्य सम्मान समारोह, पूर्व सैनिकों व वीर नारियों का हुआ सम्मान

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Jamshedpur : कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर की ओर से रविवार को बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन सभागार में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। देशभक्ति के नारों, वीर रस से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भावपूर्ण श्रद्धांजलि के बीच कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को नमन किया गया। समारोह में युद्ध वीरों, वीर नारियों तथा शिक्षा, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 450 से अधिक पूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, टाटा मोटर्स के जीएम जीवराज संधू, राजकुमार सिंह, शिवशंकर सिंह, मानस मिश्रा, सी.एस. झा, सूबेदार अमरनाथ, नायब सूबेदार सुभाष चंद्र दास तथा युद्ध वीरों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर भारत माता एवं वीर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।

समारोह में कारगिल युद्ध से जुड़े 30 युद्ध वीरों एवं वीर नारियों को शॉल, स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में हवलदार मानिक वर्धा, रणेश शरण सहित अन्य युद्ध वीर शामिल रहे। इसके अलावा शिक्षा, खेल, कृषि एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले हर्षित कुमार सिंह, विश्वजीत सिंह, विष्णु कुमार यादव, हर्षिता समद, मुस्कान कुमारी, कुन्दन सिंह, अंशुमन शर्मा, रीतेश कुमार, आकाश सिंह, अनिता सिंह एवं मंजीत कौर सहित कई प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।

परिषद के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय देकर पाकिस्तान की नापाक हरकतों का करारा जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि सैनिकों के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को समाज में सशक्त बनाना परिषद का सतत प्रयास है।

सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय सेना त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की सर्वोच्च मिसाल है तथा प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान गणेश वंदना, देशभक्ति गीत, नृत्य, नाटक एवं वीर रस की कवितियों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। कारगिल युद्ध के वीर हवलदार मानिक वर्धा ने युद्ध के अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें सुनकर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

मुख्य अतिथि अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि कारगिल में भारतीय सैनिकों ने जिस अद्वितीय शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। टाटा मोटर्स के जीएम जीवराज संधू ने कहा कि भारतीय सेना के साहस और बलिदान का पूरी दुनिया सम्मान करती है। वहीं राजकुमार सिंह ने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिकों ने विजय प्राप्त कर राष्ट्र का गौरव बढ़ाया।

कार्यक्रम का संचालन के.के. ओझा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन मनोज कुमार सिंह ने दिया। पूरे समारोह के दौरान “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “वीर शहीद अमर रहें” के नारों से सभागार गुंजायमान रहा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रचेतना, अभ्युदय, नरेश मोहन स्मृति संस्थान, क्रीड़ा भारती, एबीवीपी, सैन्य मातृशक्ति, विश्व हिंदू परिषद, जय हिंद क्लब, दुर्गा वाहिनी, सनातन उत्सव समिति सहित अनेक सामाजिक संगठनों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस अवसर पर चंद्रशेखर जी, दीपक शर्मा, उमेश शर्मा, अनुपम, संजय सिंह, शैलेंद्र सिंह, संतोष कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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