Jamshedpur : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देशहित में उठाया गया साहसिक और जिम्मेदाराना कदम बताया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए इस्तीफा दिया, ताकि देश के युवा किसी भी प्रकार के भ्रम या भटकाव का शिकार न हों।
अभय सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें और विपक्षी दल युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के नाम पर हुए आंदोलनों में ऐसे लोग भी शामिल थे, जिनका शिक्षा या छात्र हित से कोई संबंध नहीं था और उनका उद्देश्य केवल देश में अराजकता फैलाना था।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे देश के मुद्दों को विदेशों में उठाते हैं और उनकी विदेश यात्राएं हमेशा संदेह के घेरे में रही हैं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उसके शासनकाल में कितने मंत्रियों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष संसद में रचनात्मक बहस करने के बजाय हंगामा और विरोध की राजनीति कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं को भड़काकर उनका भविष्य खराब करना चाहता है, जबकि वर्ष 1974 का छात्र आंदोलन लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शों पर आधारित था।
अभय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाया है। इसके तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने और 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार देशहित और राष्ट्रहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक लाना चाहती है, लेकिन विपक्ष उन्हें बाधित करने का प्रयास कर रहा है। अंत में अभय सिंह ने धर्मेंद्र प्रधान के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उनका यह कदम जवाबदेही, नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का परिचायक है।

















