Jamshedpur : केरल समाजम मॉडल स्कूल (KSMS) में नर्सरी से कक्षा पाँच तक के 50 शिक्षकों के लिए “कक्षा में इमोशनल इंटेलिजेंस (भावनात्मक बुद्धिमत्ता)” विषय पर दो दिवसीय इंटरैक्टिव प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को विद्यार्थियों की भावनाओं को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से संभालने के व्यावहारिक तरीके सिखाना था, ताकि विद्यालय में सकारात्मक, अनुशासित और सहयोगात्मक शिक्षण वातावरण विकसित किया जा सके।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन केएसएमएस की काउंसलर निशी ठाकुर तथा स्वस्या मेंटल वेल-बीइंग की सौजन्या ने किया। दोनों दिनों में आयोजित 40-40 मिनट के सत्र में शिक्षकों को बताया गया कि वर्तमान समय में कक्षा में आवेगपूर्ण व्यवहार, निराशा सहन करने की कम क्षमता, बुलिंग, जिम्मेदारी की कमी तथा डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव जैसी चुनौतियों से निपटने में इमोशनल इंटेलिजेंस की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला के दौरान चिंतन गतिविधियों, कक्षा आधारित उदाहरणों, केस स्टडी और इंटरैक्टिव क्विज के माध्यम से शिक्षकों ने समझा कि विद्यार्थियों की कई व्यवहार संबंधी समस्याएं पढ़ाई से अधिक भावनात्मक संतुलन की कमी से जुड़ी होती हैं।
इस अवसर पर शिक्षकों को ट्रैफिक-लाइट चेक-इन, SEE–NAME–FEEL–DO रणनीति, भावनात्मक शब्दावली विकसित करने तथा रिपेयर लूप जैसी सरल और व्यवहारिक तकनीकों की जानकारी दी गई, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों में आत्म-नियंत्रण, सहानुभूति, जिम्मेदारी की भावना और सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा दिया जा सकता है।
कार्यशाला के समापन पर सभी शिक्षकों ने अपनी-अपनी कक्षाओं में कम से कम एक इमोशनल इंटेलिजेंस रणनीति को लागू करने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस पहल के माध्यम से शिक्षकों को व्यावहारिक उपकरण उपलब्ध कराकर भावनात्मक रूप से सशक्त विद्यार्थियों के निर्माण और बेहतर शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में केएसएमएस निरंतर कार्य करता रहेगा।

















