चांडिल अनुमंडल में अवैध बालू खनन के आरोप बेबुनियाद, जांच में नहीं मिली अनियमितता

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चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अवैध बालू खनन को लेकर लगाए गए आरोप जांच में निराधार साबित हुए हैं। एनजीटी अवधि के दौरान बालू खनन और परिवहन को लेकर उठे सवालों के बीच द न्यूज़ blast के टीम के पड़ताल में तिरुलडीह और इचागढ़ थाना क्षेत्र में कहीं भी अवैध खनन का मामला सामने नहीं आया।

जांच के दौरान पाया गया कि क्षेत्र में संचालित अधिकांश वाहन स्टॉक यार्ड से सरकारी चालान के आधार पर ही बालू का उठाव कर रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और सूत्रों के अनुसार इचागढ़ क्षेत्र में करीब 18 से 20 स्टॉक यार्ड संचालित हैं, जहां पर्याप्त मात्रा में बालू उपलब्ध है।

व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रत्येक स्टॉक यार्ड से प्रतिदिन औसतन पांच हाइवा बालू की निकासी होती है, तो प्रतिदिन 70 से 80हाइवा तक बालू का वैध परिवहन संभव है। वर्तमान में पूरे एनजीटी अवधि के लिए लगभग 27 लाख सीएफटी बालू चालान सहित विभिन्न स्टॉक यार्डों में उपलब्ध है।

स्थानीय लोगों के अनुसार बालू परिवहन कार्य से जुड़े करीब 80 प्रतिशत वाहन चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के ही हैं। बड़ी संख्या में लोग वाहनों को भाड़े पर चलाकर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है।

इस संबंध में स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में अवैध बालू खनन पूरी तरह बंद है। उन्होंने कहा कि जो भी वाहन बालू का परिवहन कर रहे हैं, वे वैध चालान के साथ स्टॉक यार्ड से ही सामग्री उठा रहे हैं। थाना और जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में अवैध खनन के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाकर कई बार कार्रवाई की जा चुकी है।

थाना प्रभारी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी अवैध खनन या परिवहन की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को अवगत कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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