गुड़ाबांदा की महिला की मौत के बाद जिला प्रशासन की पहल, पार्थिव शरीर झारखंड लाने की व्यवस्था

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Jamshedpur : गुड़ाबांदा प्रखंड की एक महिला की आंध्र प्रदेश में हुई आकस्मिक मौत के मामले में पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने त्वरित पहल करते हुए उनके पार्थिव शरीर को झारखंड लाने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस मानवीय पहल के लिए ग्रामीणों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वर्गीय पुड़गी मुर्मू, पिता बदेन मुर्मू, ग्राम मुचरीशोल, थाना गुड़ाबांदा, जिला पूर्वी सिंहभूम की निवासी थीं। उनका आकस्मिक निधन 13 जून 2026 को विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर हो गया था। मामले की जानकारी समाचार पत्रों एवं विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों में प्रसारित होने के बाद उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम ने इसका संज्ञान लिया और शव को गृह राज्य वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कराई।

सूचना मिलते ही श्रम विभाग के अधिकारियों ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), विशाखापट्टनम से समन्वय स्थापित किया। साथ ही आंध्र प्रदेश की सहयोगी संस्था माइग्रेंट असिस्टेंस एंड इंफॉर्मेशन नेटवर्क (MAIN) के माध्यम से पूरे मामले का सत्यापन कराया गया।

पोस्टमार्टम की सभी कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मृतका के पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस के माध्यम से उनके गृह जिले तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। जिला प्रशासन ने मृतका के परिजनों को मुख्यमंत्री झारखंड दुर्घटना कोष योजना के तहत स्वीकृत वित्तीय सहायता से संबंधित चेक की प्रति भी उपलब्ध करा दी है।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्टेट माइग्रेंट कंट्रोल रूम (SMCR) ने शोकाकुल परिजनों, स्थानीय प्रशासन और संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा। प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद स्वर्गीय पुड़गी मुर्मू का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव भेज दिया गया है।

ग्रामीणों ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई और मानवीय सहयोग के लिए राज्य सरकार, मुख्यमंत्री तथा जिला प्रशासन के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया है।

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