पोटका में अवैध बालू परिवहन फिर तेज, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल

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Potka : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में एक बार फिर बालू का अवैध परिवहन तेज हो गया है। क्षेत्र में बंगाल और ओडिशा से बालू लदे वाहन बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश कर रहे हैं, जिससे प्रशासन की सक्रियता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बालू से लदे ट्रक कोवाली थाना क्षेत्र के रास्ते—कोवाली और हाता रसुनचोपा 220 मार्ग होते हुए पोटका थाना क्षेत्र में प्रवेश कर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध परिवहन के बावजूद पुलिस या संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की उदासीनता तस्करों के हौसले बढ़ा रही है।

ज्ञात हो कि पूर्व उपायुक्त करण सत्यार्थी के कार्यकाल में बालू तस्करी पर रोक लगाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया था, जिसके कारण कुछ समय तक इस पर नियंत्रण देखने को मिला था। अंचल अधिकारी निकिता बाला द्वारा की गई औचक छापेमारी से भी अवैध परिवहन पर लगाम लगी थी।

हालांकि, उनके अवकाश पर जाने के बाद स्थिति फिर से बिगड़ती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला खनन विभाग की ओर से भी फिलहाल इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे अवैध बालू कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध परिवहन पर तत्काल रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि राजस्व की क्षति रोकी जा सके और कानून व्यवस्था कायम रह सके।

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