झारखंड में नंबर-1 बना नारायणपुर पंचायत, पेयजल व्यवस्था में बनाया कीर्तिमान

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Adityapur : केंद्र सरकार द्वारा जारी पंचायत सूचकांक 2.0 के ताजा आंकड़ों ने झारखंड के ग्रामीण विकास की तस्वीर को नई पहचान दी है। सरायकेला-खरसावाँ जिले के गम्हारिया प्रखंड अंतर्गत नारायणपुर पंचायत ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

वर्ष 2023-24 की इस रैंकिंग में नारायणपुर पंचायत को विशेष रूप से ‘पेयजल पर्याप्त पंचायत’ श्रेणी में राज्य का सर्वश्रेष्ठ पंचायत घोषित किया गया है। पंचायत ने विभिन्न विकास मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 91.24 का प्रभावशाली स्कोर प्राप्त किया, जो राज्य में सर्वाधिक है।

केंद्र सरकार के पंचायत सूचकांक 2.0 के तहत नौ प्रमुख विषयों पर मूल्यांकन किया गया था, जिसमें नारायणपुर पंचायत ने छह विषयों में ‘ए’ और तीन विषयों में ‘बी’ ग्रेड हासिल किया। स्वास्थ्य, बाल अनुकूलता, स्वच्छता, हरित विकास, आत्मनिर्भर संरचना और सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में भी पंचायत का प्रदर्शन सराहनीय रहा।

इस प्रतिस्पर्धा में राज्य के 24 जिलों के 260 प्रखंडों की कुल 4,345 पंचायतों ने भाग लिया था। कड़े मुकाबले के बीच नारायणपुर पंचायत ने पीएआई स्कोर ग्रेडिंग और विषयगत मूल्यांकन में सभी को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया।



इस उपलब्धि के पीछे पंचायत स्तर पर बनाई गई प्रभावी कार्ययोजना और पेयजल योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रमुख कारण माना जा रहा है। ‘पेयजल पर्याप्त पंचायत’ का दर्जा इस बात का प्रमाण है कि पंचायत ने हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

नारायणपुर पंचायत की इस सफलता के केंद्र में युवा मुखिया रोहीदास हो का नेतृत्व अहम माना जा रहा है। वर्ष 2022 में पदभार संभालने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और किसानों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया।

पेयजल संकट के समाधान के लिए पंचायत के सात गांवों में लगभग 2.78 लाख रुपये प्रति इकाई की लागत से 50 जलमीनारों की स्थापना की गई। इसके साथ ही ‘नल-जल योजना’ के तहत टेंटोपोसी पंचायत भवन के समीप बने जल शोधक केंद्र से हर घर तक पाइपलाइन बिछाई गई, जिससे स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई।

मुखिया रोहीदास हो ने इस उपलब्धि का श्रेय ग्रामीणों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहियाओं, शिक्षकों और एएनएम के सामूहिक प्रयास को दिया है। नारायणपुर पंचायत आज झारखंड में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

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