Jamshedpur : सिविल सर्जन Sahir Pal के निर्देशानुसार 27 अप्रैल 2026 को पीओडी (प्रिवेंशन ऑफ डिसेबिलिटी) दिवस के अवसर पर जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक दिवसीय पीओडी कैंप का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर Sahir Pal ने कहा कि कुष्ठ रोगियों के साथ सामान्य मरीजों जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह रोग एमडीटी दवा के नियमित सेवन से पूरी तरह ठीक हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग छूने से नहीं फैलता और न ही इसका किसी अंधविश्वास से संबंध है।
कैंप के दौरान मरीजों को सेल्फ केयर की जानकारी दी गई और दिव्यांग हुए मरीजों को दिव्यांग प्रमाण पत्र, एमसीआर चप्पल एवं सेल्फ केयर किट का वितरण किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीजों को हाथ-पैर की देखभाल, साफ-सफाई और सावधानी बरतने के तरीके भी बताए गए।

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानगो में एनएमए अमरेश कुमार मिश्रा ने मरीजों को गर्म चीजों को सीधे हाथ से न पकड़ने और ठंड के मौसम में आग सेकने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी।
वहीं जिला कुष्ठ परामर्शी Rajiv Lochan Mahato ने रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से हाथ, पैर और आंखों की दिव्यांगता को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।
पोटका एवं मुसाबनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों के बीच किट और चप्पलों का वितरण किया गया। इस दौरान कुल 15 मरीजों को सेल्फ केयर किट, 11 को एमसीआर चप्पल और 2 को दिव्यांग प्रमाण पत्र दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल के तहत अब हर महीने के अंतिम सोमवार को जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पीओडी कैंप का आयोजन किया जाएगा, जिससे कुष्ठ रोगियों को नियमित रूप से बेहतर इलाज और देखभाल मिल सके।











