तीन माह बाद नाबालिग बरामद, आदित्यपुर थाना में मारपीट और धमकी का आरोप

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Adityapur : आदित्यपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बीते 8 जनवरी को लापता हुई एक नाबालिग लड़की के मामले में परिजनों ने थाना में लिखित आवेदन देकर खोजबीन की गुहार लगाई थी। करीब तीन महीने बाद लड़की की बरामदगी की सूचना मिलने पर जब परिजन थाना पहुंचे, तो उन्होंने वहां महिला पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट और थाना प्रभारी द्वारा झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

पीड़ित परिवार की आपबीती

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार ने आदित्यपुर थाना के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक और डीआईजी को भी लिखित आवेदन देकर न्याय की मांग की थी। बेटी के लापता होने के बाद से परिवार मानसिक पीड़ा, भय और चिंता से गुजर रहा था। परिजन लगातार उसकी तलाश में दर-दर भटकते रहे। ढाई महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित था।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई

मामले में पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। बताया जाता है कि उनके सख्त निर्देश के बाद थाना प्रभारी द्वारा सक्रियता दिखाई गई और लड़की को बरामद किया गया। जांच में यह बात सामने आई कि एक शिक्षक द्वारा नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक विस्तृत बयान अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

थाना में बवाल का आरोप

लड़की की मां का आरोप है कि बरामदगी की सूचना मिलने पर जब वे थाना पहुंचीं, तो वहां तैनात एक महिला पुलिसकर्मी ने उनके साथ मारपीट की। आरोप यह भी है कि थाना प्रभारी ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही जेल भेजने की धमकी दी।

इस संबंध में जब थाना प्रभारी विनोद से संपर्क किया गया तो उन्होंने मारपीट या धमकी की घटना से साफ इनकार करते हुए कहा कि थाना परिसर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

दूसरी ओर, कथित शिक्षक पक्ष के परिजनों द्वारा भी थाना के बाहर लड़की के परिजनों के साथ बहस और हंगामा किए जाने की बात सामने आई है। फिलहाल पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ है।

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