आदित्यपुर।
पत्रकारिता जब समाज के लिए ढाल बन जाए, तब उसकी असली ताकत सामने आती है। ऐसा ही एक सराहनीय उदाहरण आदित्यपुर में देखने को मिला, जहां स्थानीय पत्रकार सुमित सिंह और नवीन प्रधान ने मानवीय संवेदना और जिम्मेदार पत्रकारिता का परिचय देते हुए डेढ़ माह से लापता युवती जानकी प्रधान को पुलिस के सहयोग से सकुशल बरामद कराने में अहम भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार, जानकी प्रधान सोशल मीडिया के जरिए झूठे प्रेमजाल में फंसकर एक युवक के साथ दिल्ली चली गई थी। परिजनों से संपर्क टूटने के बाद परिवार गहरे सदमे में था। युवती के भाई मिथुन प्रधान बीते डेढ़ महीने से बहन की तलाश में दर-दर भटक रहे थे। इसी क्रम में उन्होंने पत्रकार सुमित सिंह और नवीन प्रधान से संपर्क किया। दोनों पत्रकारों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे प्राथमिकता दी और खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर सामने आते ही पुलिस सक्रिय हुई और युवती की लोकेशन ट्रेस की गई, जिससे पता चला कि वह दिल्ली में है। इसी बीच, दो दिन बाद जानकी प्रधान ने अपने भाई को फोन कर बताया कि वह टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंच चुकी है। सूचना मिलते ही पत्रकार सुमित सिंह और नवीन प्रधान अपने निजी वाहन से मिथुन प्रधान को साथ लेकर स्टेशन पहुंचे और प्लेटफॉर्म नंबर-1 स्थित कोरियर यार्ड के समीप युवती को सुरक्षित हालत में पाया। उन्होंने तुरंत युवती का हालचाल जाना और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को थाने ले जाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद जानकी प्रधान को सकुशल उनके परिजनों को सौंप दिया गया। पूछताछ में युवती ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान एक युवक से हुई थी, जो अलग समुदाय का था और उसने अपना नाम बदलकर बातचीत की थी। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में झारखंड न्यूज़ 26 से जुड़े पत्रकारों की भूमिका सराहनीय रही। यह घटना न केवल पत्रकारिता की सामाजिक जिम्मेदारी को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समय पर की गई पहल किसी परिवार को बिखरने से बचा सकती है। मानवता, संवेदना और जिम्मेदारी आदित्यपुर के पत्रकारों ने एक बार फिर समाज के सामने पत्रकारिता की सच्ची तस्वीर पेश की है।









