Guwa:गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिला प्रशासन एवं जगन्नाथपुर अनुमंडल प्रशासन की ओर से शनिवार को झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जगन्नाथपुर प्रखंड विकास कार्यालय सभागार में आयोजित हुआ, जहां अनुमंडल क्षेत्र के 144 चिन्हित झारखंड आंदोलनकारियों को शॉल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जगन्नाथपुर विधानसभा के विधायक सोनाराम सिंकु, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, अनुमंडल पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव, जगन्नाथपुर बीडीओ सत्यम कुमार, नोवामुंडी अंचल अधिकारी मनोज कुमार, तथा कुमारडुंगी एवं मझगांव के बीडीओ–सीओ सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मान समारोह में अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी अतिथियों एवं आंदोलनकारियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, कुमारडुंगी और मझगांव प्रखंडों से चयनित कुल 144 झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर आंदोलनकारियों के चेहरे पर गर्व और संतोष साफ झलक रहा था।
मुख्य अतिथि विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि “झारखंड राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। 2019 में सरकार बनने के बाद आंदोलनकारियों की पहचान और सम्मान के लिए आयोग का गठन किया गया। यह लोकतंत्र की परिपक्वता है कि जिस प्रशासन ने कभी आंदोलनकारियों को जेल में डाला, वही आज उन्हें सम्मानित कर रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों एवं उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, साथ ही प्रेस की स्वतंत्रता की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशिष्ट अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन ने कहा कि “यदि झारखंड राज्य का निर्माण नहीं हुआ होता, तो हम जैसे लोग आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते। आज जो राज्य हमें मिला है, वह आंदोलनकारियों के त्याग और संघर्ष की देन है।”
वहीं अनुमंडल पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड आंदोलन जनसंघर्षों का इतिहास है और राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सम्मान एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में आंदोलनकारी, उनके परिजन, प्रशासनिक अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम पूरे सम्मान और गरिमा के साथ संपन्न हुआ।









