Manoharpur:आदिवासी अस्मिता, संघर्ष और बलिदान के प्रतीक वीर शहीद सुनील महतो की 60वीं जयंती मंगलवार को मनोहरपुर प्रखंड में गहरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। आदिवासी कुडमी समाज मनोहरपुर प्रखंड कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन, विचारधारा और अधूरे सपनों को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व सांसद स्वर्गीय सुनील महतो केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आदिवासी–मूलवासी, गरीब, शोषित और वंचित वर्गों की आवाज थे। उनका सपना था बृहद झारखंड का निर्माण, जहां जल–जंगल–जमीन पर आदिवासियों का अधिकार सुरक्षित रहे और क्षेत्र को कंपनियों, सूदखोरों व दलालों के शोषण से मुक्ति मिले। अपने इसी संकल्प के लिए वे संघर्ष करते हुए शहीद हो गए, लेकिन आज भी उनका सपना अधूरा है।
जयंती समारोह के दौरान आदिवासी कुडमी समाज ने सरकार से मांग की कि शहीद सुनील महतो की शहादत से जुड़े मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एनआईए से जांच कराई जाए। साथ ही उनके विचारों और अधूरे सपनों को धरातल पर उतारने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
कार्यक्रम में जिला कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण महतो, समाजसेवी मुरलीधर महतो समेत अनादी महतो, पंकज महतो, रूपलाल महतो, सुमित महतो, विनय महतो, लखविंदर महतो, महेंद्र महतो, अजीत महतो, सौरभ महतो, शंकर महतो, टिंकू महतो, भावेश महतो, धीरज महतो, बिरजू महतो एवं मधु महतो सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में शहीद सुनील महतो के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।









