Guwa:सेल गुवा माइंस द्वारा जारी बेदखली नोटिस के बाद बुधवार को नानक नगर जाटाहाटिंग एवं आसपास के क्षेत्रों में अनाधिकृत रूप से रह रहे लोगों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। यह कार्रवाई पूर्व में स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित नोटिस के अनुरूप की गई, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि संबंधित क्षेत्र सेल की भूमि पर अवैध कब्जे के अंतर्गत आता है।
बेदखली अभियान के लिए नोवामुंडी के अंचल अधिकारी मनोज कुमार को दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) नियुक्त किया गया था। मौके पर सेल स्टेट विभाग के महाप्रबंधक की मौजूदगी में करीब 50 पुलिसकर्मी, सीआईएसएफ के जवान और निजी सुरक्षा गार्ड तैनात रहे। प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार माइकिंग सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था भी की गई थी।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही जाटाहाटिंग क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। करीब 200 से अधिक पुरुष, महिलाएं और बच्चे एकत्र होकर कंपनी की कार्रवाई का विरोध करने लगे। स्थानीय लोगों में रोहित सिंह, दारा ठाकुर सहित कई ग्रामीणों ने सेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि वर्षों से वहां रह रहे सभी परिवारों को आवंटन सूची में शामिल नहीं किया गया है और जो वैकल्पिक आवास दिए जा रहे हैं, वे बेहद छोटे और अपर्याप्त हैं। ग्रामीणों ने पूरे क्षेत्र का दोबारा सर्वे कराने की भी जोरदार मांग उठाई।
वहीं, जीएम (स्टेट) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई आवंटन सूची के आधार पर ही आवास आवंटित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित क्षेत्र से कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से विस्थापित नहीं हो रहा है, ऐसे में कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बेदखली कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया है।
दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने स्थानीय लोगों को अपनी सभी मांगें और आपत्तियां लिखित रूप में संबंधित अधिकारियों को सौंपने की सलाह दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे की कार्रवाई उपायुक्त (डीसी) कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप ही की जाएगी।









