नगर निगम के खिलाफ सड़क पर उतरे दुकानदार, रोज़गार संकट ने पकड़ा तूल

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Adityapur:आदित्यपुर में शुक्रवार को उस वक्त तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब एनआईटी गेट से लेकर 4 नंबर क्षेत्र तक के दर्जनों दुकानदार नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सड़क पर उतर आए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 29 दिसंबर को एनआईटी आगमन के दौरान हटाई गई दुकानों को अब तक पुनः स्थापित नहीं किए जाने से आक्रोशित दुकानदारों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
दुकानदारों का कहना है कि वे वर्षों से इसी स्थान पर छोटी-छोटी दुकानें लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनज़र सुरक्षा कारणों से उन्होंने प्रशासन के निर्देश पर दुकानें हटा ली थीं, लेकिन दौरा समाप्त होने के कई दिन बाद भी उन्हें वापस लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे उनके सामने रोज़ी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने पूर्व पार्षद सुधीर चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पूर्व पार्षद के कथित हस्तक्षेप के कारण ही नगर निगम दुकानें लगाने से रोक रहा है। दुकानदारों का आरोप है कि निजी हितों के चलते उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है, जबकि प्रशासन उनकी मजबूरी को नजरअंदाज कर रहा है।
मामले की जानकारी मिलने पर नगर निगम की अपर नगर आयुक्त पारुल सिंह मौके पर पहुंचीं और दुकानदारों की समस्याओं को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कर जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा और योग्य दुकानदारों को उनकी दुकानें वापस दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला और नुकसान की भरपाई पर विचार नहीं किया गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और गरीब दुकानदारों की आजीविका—दोनों के बीच संतुलन बनाकर निर्णय लेना चाहिए, ताकि विकास के नाम पर किसी का चूल्हा न बुझे।

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