Jamshedpur:झारखंड में पेसा कानून लागू किए जाने को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने उत्साह और उल्लास के साथ खुशी का इजहार किया। जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय, बिष्टूपुर में कार्यकर्ताओं के बीच लड्डू बांटे गए, वहीं साकची गोलचक्कर पर आम जनता के बीच लड्डू वितरण कर इस फैसले का स्वागत किया गया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह के नेतृत्व में पेसा कानून का मसौदा तैयार किया गया, जिसे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कैबिनेट से स्वीकृति देकर ग्राम सभा को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू होने से अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम सभाओं की शक्ति और दायित्व दोनों बढ़े हैं।
परविंदर सिंह ने बताया कि अब पंचायत क्षेत्रों में खनन, भूमि अधिग्रहण जैसे मामलों में ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य होगी। इसके साथ ही ग्राम सभाओं को लघु वनोपज के उपयोग, स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, जल संसाधन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त होंगे। ग्राम सभाओं के परिसीमन का प्रावधान भी इसमें शामिल है, जिसे जिला प्रशासन अधिसूचित करेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर पेसा नियमों का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि ग्राम सभाओं को अधिक स्वायत्तता मिलेगी। जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों में स्थानीय निर्णय प्रक्रिया मजबूत होगी, जिससे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लोकतंत्र और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय सहभागिता बढ़ेगी।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे और पेसा कानून को आदिवासी समाज के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम बताया।









