Jamshedpur : टाटानगर रेलवे स्टेशन के बाहर वीआईपी लेन को पूरी तरह बंद करने और टाटानगर आने वाली यात्री गाड़ियों के लगातार विलंब को लेकर आजसू पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह के नेतृत्व में आजसू प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन अधीक्षक को डीआरएम के नाम एक ज्ञापन सौंपकर समस्याओं से अवगत कराया और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन व अनशन की चेतावनी दी।
वीआईपी लेन बंद, आम जनता परेशान – स्टील बैरिकेटिंग पर सवाल
ज्ञापन में कहा गया कि स्टेशन के वीआईपी लेन पर स्टील बैरिकेट लगा दिए जाने से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि—
यदि किसी वीआईपी का आगमन होता है तो उनके वाहन ड्रॉपिंग लेन में खड़े रहेंगे,
जिसके कारण आम यात्रियों को लेने या छोड़ने आने वाले वाहन पीछे फंस जाएंगे,
ड्रॉपिंग लेन में 10 मिनट से अधिक रुकने पर ₹500 जुर्माना देना पड़ेगा,
दिव्यांगों की गाड़ियां, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाएं भी बाधित होंगी।
आजसू ने इसे आम जनता पर प्रताड़ना और अव्यवहारिक व्यवस्था करार दिया।
ट्रेनें स्टेशन तक समय पर, टाटानगर आते-आते 3–4 घंटे की देरी
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि चांडिल, चक्रधरपुर और घाटशिला तक ट्रेनें समय पर पहुँच जाती हैं, लेकिन वहां से टाटानगर आने में 3–4 घंटे की देरी हो जाती है। इससे यात्रियों को भारी असुविधा होती है और तत्काल सुधार की आवश्यकता है।

स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा अन्य किसी को वीआईपी श्रेणी में नहीं रखा गया है। इनके लिए केवल निकास द्वार से आने-जाने की व्यवस्था रहेगी। आपातकालीन सेवाओं को लेकर बातचीत जारी है, आदेश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
डीआरएम की कार्यशैली जनभावना के विरुद्ध पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि यह मामला जमशेदपुर की जनभावना से जुड़ा है और डीआरएम की कार्यशैली जनता के हितों के विपरीत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आजसू जनांदोलन करेगी।
आजसू जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि बैरिकेटिंग से आम जनता, आपातकालीन सेवाएं और दिव्यांगों के लिए भारी संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा, “किसी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में त्वरित सेवा उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा। रेलवे प्रबंधन ने यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए, तो आजसू उग्र आंदोलन करेगी।”
मौके पर मुख्य रूप से कमलेश दुबे, संजय सिंह, अप्पू तिवारी, प्रकाश विश्वकर्मा, कृतिवास मंडल, धीरज यादव, बबलू करुआ, मनोज महतो, ललन झा, मृत्युंजय सिंह, ललित सिंह, सुधीर सिंह, अरूप मल्लिक, कमलेश सिंह, सौरभ राहुल सिंह, मुन्ना यादव, संजय प्रसाद समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।









