Guwa:गुवा और बड़ाजामदा क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रात के तापमान में लगातार गिरावट के बीच जहां आम लोग ठिठुरने को मजबूर हैं, वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक अलाव की व्यवस्था न होना स्थानीय लोगों में आक्रोश का बड़ा कारण बन गया है।
तेज ठंड के बावजूद प्रमुख स्थानों—जैसे चौक-चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों—में अलाव नहीं जलाए गए हैं और न ही जरूरतमंदों के बीच गर्म कपड़ों का वितरण किया गया है। इससे मजदूरों, राहगीरों और ग्रामीणों को रात के समय गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य शंभू हाजरा तथा सारंडा युवा मोर्चा के अध्यक्ष प्रफुल्लो महाकुड़ ने कई बार लिखित रूप से नोवामुंडी प्रखंड विकास पदाधिकारी पप्पू रजक को स्थिति से अवगत कराया है। उनका कहना है कि ठंड लगातार बढ़ रही है, इसलिए तत्काल अलाव की व्यवस्था कर राहत पहुंचाई जानी चाहिए।
इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम उठता नहीं दिख रहा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हर साल सर्दियों में प्रखंड प्रशासन द्वारा अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती थी, मगर इस बार “पूरी तरह अनदेखी” की जा रही है।
स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का सहारा लेने पर मजबूर होंगे।
इस बीच, गुवा का अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है, जो इलाके में ठंड का असर और बढ़ा रहा है।









